हजारीबाग में NTPC के विरुद्ध ग्रामीणों की हड़ताल हुई हिंसक, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, दोनों ओर से लोग घायल [Villagers’ strike against NTPC in Hazaribagh turned violent, police lathicharged, people injured on both sides]

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हजारीबाग। बड़कागांव केरेडारी में संचालित एनटीपीसी की कोल परियोजना को लेकर गुरुवार से हड़ताल के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई है।

इसमें ग्रामीण और पुलिस वाले घायल भी हुए हैं। हजारीबाग बड़कागांव केरेडारी प्रभावित विस्थापित मोर्चा के बैनर तले 18 सूत्री मांगी को लेकर हड़ताल पर केडी माइंस बंद कराने के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच में झड़प हुई है। जिसमें पुलिसकर्मी और ग्रामीण के घायल होने की भी सूचना है।

वहीं कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल और पदाधिकारी की प्रति नियुक्ति भी घटनास्थल पर की गई है।

ग्रामीणों की रिहाई की मांग को लेकर महिला पुरुष एनटीपीसी पोटा केविन के गेट पर बैठे धरने पर बैठ गए हैं।

18 सूत्री मांगों को लेकर हो रहा आंदोलन

बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद 18 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल सफल बनाने के लिए लोगों से इसमें भारी संख्या में पहुंचने की अपील की थी।

तय कार्यक्रम के अनुसार ग्रामीण आंदोलन स्थल पर पहुंचे। विधायक अंबा प्रसाद इस दौरान नहीं पहुंची।

हड़ताल को लेकर ग्रामीण विरोध कर रहे थे। इसी बीच पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। जिसमें कई ग्रामीण एवं पुलिस वाले घायल हैं।

एनटीपीसी पर तानाशाही और शोषण का आरोप

बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद का आरोप है कि एनटीपीसी पिछले 10 वर्षों से कार्य कर स्थानीय लोगों का शोषण कर रही है।

बहु फसलीय जमीन कौड़ियों के दाम लगाकर जबरन छीनी जा रही है। विरोध करने पर उन्हें केस में फंसाया जाता है। इस कारण एनटीपीसी का विरोध किया जा रहा है।

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