जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं ग्रामीणबरसात में टापू बन जाता है यह गांव [Villagers risk their lives to cross the river. This village becomes an island in the rains.]

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रांची। तोरपा प्रखंड के फटका पंचायत के कई गांवों लोग आज भी सड़क व पुल जैसी सुविधाओं से वंचित है। नदी में पुल नहीं रहने के कारण फटका पंचायत के फडिंगा, सिंड़ीसराबुरु गांव बरसात के दिनों में टापू बन जाता है। जिसके के वजह से लोगो का अवगमन बंद हो जाता है। लोगो को ज़रूरी काम

करने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैँ। रोगियों लाचार वृद्ध लोगों को टांगकर नदी पार कराना पड़ता है।

ग्रामीण बताते हैं कि फडिंगा में 40 परिवार तथा सिंड़ी में 12 परिवार रहते हैँ। दोनों गांव की आबादी लगभग 700 है जिनमें 500 के करीब मतदाता है।

इन मतदाताओं को नदी पार कर बूथ तक आना होगा। इसके अलावा निकटवर्ती सिंहभूम जिले के कुरसे, लिलीकोटो, पोड़ेंगर आदि गांव के सैकड़ों लोग इस नदी से अवगमन करते हैँ।

यहां तक की स्कूल के बच्चो को भी स्कूल आने जाने में बहुत दिक्कत हो रही है। यहां लगभग 250 लोग रहते हैं।

100 के करीब मतदाता है। इस बार भी इन्हे यह नाला पार कर मतदान के लिये दुमांगदीरी बूथ तक जाना पड़ेगा।

क्या कहती है गांव के मुखिया :

फटका पंचायत की मुखिया पुष्पा गुड़िया बताती है कि फडिंगा व सिंड़ी जैसी स्थिति साराबुरु गांव की भी है। उन्होंने बताया कि दोनों जगह पर पुल बनाने के लिये कई बार आवेदन दिया गया है ,परन्तु कार्रवाई नहीं हुई।

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