RIP Dishom Guru:
रांची। झारखंड आंदोलन के जननायक और आदिवासी समाज की आवाज रहे दिशोम गुरु शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार मंगलवार को हुआ। इसमें शामिल होने के लिए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और आजसू पार्टी के सुप्रीमो सुदेश महतो बाइक से नेमरा पहुंचे। यह यात्रा उनके लिए आसान नहीं रही। भारी भीड़ और सड़क पर जाम की स्थिति के कारण दोनों नेताओं को बाइक से लगभग 6-7 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी।
हजारों की भीड़ उमड़ी थीः
दरअसल, नेमरा में शिबू सोरेन के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। भारी भीड़ और वाहनों की लंबी कतार के कारण मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया था। जाम की स्थिति ऐसी थी कि गाड़ियां एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पा रही थीं।
स्थानीय लोगों से मांगी बाइकः
ऐसे में दोनों वरिष्ठ नेता बिना देर किए स्थानीय लोगों से बाइक मांगी और उसी पर सवार होकर अंतिम संस्कार स्थल की ओर रवाना हुए। भीड़भाड़ वाले रास्तों से होते हुए उन्होंने करीब 6 से 7 किलोमीटर की दूरी बाइक से तय की और गुरुजी के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
जननायक थे गुरुजीः
दिशोम गुरु शिबू सोरेन जननायक थे, जिनके अंतिम दर्शन के लिए अपार जनसैलाब उमड़ा। उनके सम्मान में न केवल आम जनता, बल्कि सभी राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी अंतिम क्षणों में नतमस्तक होने पहुंचे।
लोगों के बीच अर्जुन मुंडा और सुदेश महतो की ही चर्चाः
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और सुदेश महतो की यह सादगी और सम्मानजनक पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। श्रद्धा और समर्पण से भरे इस क्षण ने झारखंड की राजनीति में एक भावनात्मक अध्याय जोड़ दिया।
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