Unique Number Plates:
रांची। रांची में अब गाड़ी केवल एक जरूरत नहीं, बल्कि स्टेटस सिंबल बन चुकी है, और इसी सोच के साथ खास नंबर प्लेट्स का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। वाहन मालिक अपनी गाड़ियों के लिए यूनिक और आकर्षक नंबर लेने के लिए लाखों रुपये खर्च करने को तैयार हैं। इस ट्रेंड से न सिर्फ लोगों में स्टेटस दिखाने की होड़ बढ़ी है, बल्कि झारखंड सरकार को भी बड़ा राजस्व मिल रहा है।
Unique Number Plates: खास नंबर प्लेट से कितना है सरकार को फायदा
वित्तीय वर्ष 2024-25 में रांची जिले से ही सिर्फ खास नंबरों के जरिए 5 करोड़ 68 लाख रुपये का राजस्व सरकार को प्राप्त हुआ है। पिछले वर्षों में भी यह ट्रेंड बढ़ा है, 2022-23 में 2484 गाड़ियों को पसंदीदा नंबर दिए गए थे, जो 2023-24 में बढ़कर 3270 हो गए। वहीं 2024-25 में अब तक 3721 गाड़ियों को खास नंबर मिल चुके हैं।
Unique Number Plates: कोनसा नंबर है सबसे महंगा
सरकार ने इन नंबरों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया है। सबसे महंगा नंबर 0001 है, जिसकी कीमत 1 लाख रुपये है। 0002 से 0010 और खास धार्मिक या लोकप्रिय नंबर जैसे 0786 के लिए 50 हजार रुपये तक देने होते हैं। अन्य आकर्षक नंबर जैसे 1001, 2002, 0111 के लिए 25 हजार रुपये, जबकि 0123, 9099 जैसे नंबरों की कीमत 15 हजार रुपये तक है। यदि कोई सामान्य चॉइस नंबर लेना चाहता है, तो उसे चारपहिया गाड़ियों के लिए 11 हजार रुपये और दोपहिया गाड़ियों के लिए 5 हजार रुपये अतिरिक्त देना होता है।
Unique Number Plates: नया ट्रेंड बन सरकार का कमाई का जरिया
इन खास नंबरों का आवंटन तय प्रक्रिया के तहत किया जाता है। 0001 से 0010 तक के नंबर राज्य के परिवहन विभाग द्वारा जारी किए जाते हैं, लेकिन इनकी बुकिंग रांची के डीटीओ ऑफिस से होती है। यह नया ट्रेंड राज्य सरकार के लिए एक आय का नया जरिया बनता जा रहा है, और हर साल रिकॉर्ड तोड़ कमाई दर्ज कर रहा है।
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