Union Budget 2026-27 Jharkhand Highlights: बिहार को विशेष पैकेज और झारखंड को ठेंगा? बजट 2026 में खनिज प्रदेश के साथ ‘सौतेला व्यवहार’!

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Union Budget 2026-27 Jharkhand Highlights

बजट 2026 झारखंड हाइलाइट्स: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026) पेश कर दिया है। “विकसित भारत” के विजन के साथ पेश किए गए इस बजट में झारखंड के लिए NIMHANS 2.0 जैसी ऐतिहासिक घोषणाएं हुई हैं, तो वहीं विपक्षी दलों ने इसे ‘उपेक्षा का बजट’ करार दिया है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि Budget 2026 में झारखंड को क्या मिला और किन मोर्चों पर राज्य को निराशा हाथ लगी।

1. स्वास्थ्य क्रांति: रांची में बनेगा NIMHANS 2.0

झारखंड के लिए सबसे बड़ी खबर राजधानी रांची से है। बेंगलुरु के बाद अब रांची में देश का दूसरा NIMHANS (National Institute of Mental Health and Neuro Sciences) स्थापित किया जाएगा।

  • फायदा: अब मानसिक रोगों और न्यूरो-सर्जरी के लिए मरीजों को दक्षिण भारत नहीं जाना होगा।
  • अपग्रेड: रांची स्थित CIP (Central Institute of Psychiatry) को रीजनल एपेक्स संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।

2. मिशन पूर्वोदय (Mission Purvoday) और पर्यटन

केंद्र सरकार ने पूर्वी भारत के विकास के लिए ‘मिशन पूर्वोदय’ को नई रफ्तार दी है।

  • पर्यटन केंद्र: झारखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों और इको-टूरिज्म स्पॉट को विश्वस्तरीय पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • 4000 ई-बसें: झारखंड सहित 5 राज्यों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 4000 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रावधान है।

3. डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर (Rare Earth Corridor)

खनिज संपदा से भरपूर झारखंड को ‘डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर’ से बड़ी उम्मीदें हैं।

  • औद्योगिक हब: इससे धनबाद और रांची के औद्योगिक क्षेत्रों में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगेंगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

4. इनकम टैक्स और मध्यम वर्ग (Income Tax Slab 2026)

झारखंड के लाखों कर्मचारियों को नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) से राहत मिली है:

  • अब ₹12 लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा (Standard Deduction के साथ)।
  • कैंसर की दवाएं सस्ती होने से मध्यम वर्गीय परिवारों का मेडिकल खर्च कम होगा।

5. सियासत और असंतोष: “झारखंड की अनदेखी?”

जहाँ सत्ता पक्ष ने बजट को ‘ऐतिहासिक’ बताया, वहीं झामुमो (JMM) और राज्य सरकार ने इसे निराशाजनक कहा है।

  • बकाया राशि: राज्य सरकार का आरोप है कि कोल कंपनियों के पास बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये पर केंद्र मौन है।
  • विशेष पैकेज: बिहार और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर झारखंड को विशेष वित्तीय सहायता नहीं मिलने पर नाराजगी जताई गई है।

बजट 2026: झारखंड के लिए ‘नफा और नुकसान’

क्या मिला (Pros)क्या नहीं मिला (Cons)
NIMHANS 2.0: रांची बना मेंटल हेल्थ हब।विशेष पैकेज: राज्य को कोई स्पेशल फंड नहीं मिला।
ई-बसें: शहरों में परिवहन सुधरेगा।रेलवे: नई यात्री ट्रेनों की कोई बड़ी घोषणा नहीं।
कैंसर दवाएं: सस्ती दरों पर बेहतर इलाज।बकाया: 1.36 लाख करोड़ के कोल बकाया पर चर्चा नहीं।
MSME सपोर्ट: छोटे उद्योगों के लिए सस्ता कर्ज।सिंचाई: किसानों के लिए नई बड़ी योजना का अभाव।
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