Uncontrolled SUV in Ranchi:
रांची। हरमू रोड में बीजेपी कार्यालय के निकट एक बेकाबू एसयूवी ने एक बच्चे समेत 3 को कुचल दिया। इस दुर्घटना में महिला व बच्चे की मौत के बाद एक युवती ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मरने वालों में एक युवती, एक महिला और एक बच्चा शामिल है। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल काटा। फॉर्च्यूनर गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान फॉर्च्यूनर गाड़ी चला रहे युवक की जमकर पिटाई की गई।
सूचना मिलने पर अरगोड़ा पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आरोपी को कब्जे किया। लोगों ने बताया कि मोहित नाम का युवक गाड़ी चला रहा था। जबकि, गाड़ी संख्या जेएच 01 एफएफ 4545 आदर्श राज पिता राजकुमार प्रसाद के नाम पर रजिस्टर्ड है। फॉर्च्यूनर गाड़ी संचालक महावीर चौक, अपर बाजार का रहने वाला है। वहीं, महावीर चौक के पास फॉर्च्यूनर गाड़ी संचालक का ग्रहरत्न नामक दुकान भी है।
बाइक को धक्का मारकर भाग रही थी एसयूवीः
घटना के बाद देर तक आक्रोशित लोग वहां जमे रहे। बताया जा रहा है कि सभी मृतक पास के एक रेस्टोरेंट से खाना खाकर निकल रहे थे। बताया गया कि एसयूवी चालक एक बाइक सवार को धक्का मारकर भाग रहा था, इसी क्रम में उसने रेस्टोरेंट से निकल रहे लोगों पर गाड़ी चढ़ा दी।
कई गाड़ियों को मारी टक्करः
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार अरगोड़ा चौक की तरफ से रातू रोड की दिशा में जा रही थी। कार का नंबर JH01FF-4545 है। कार की रफ्तार काफी तेज थी। बेकाबू फॉर्च्यूनर ने पहले एक ऑल्टो कार को टक्कर मारी, फिर दो-तीन बाइक को टक्कर मारते हुए सड़क की दूसरी ओर जाकर दीवार से टकरा गयी। ऑल्टो कार और बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गये। इस टक्कर में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी। जिसमें एक युवती, एक महिला और एक बच्चा शामिल है। घटनास्थल पर मौजूद एक शख्स ने बताया कि एक महिला और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक युवती की मौत अस्पताल में हुई।
पुलिस ने एसयूवी चालक सोना-चांदी व्यवसायी आदर्श राज उर्फ मोहित राज को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के वक्त वह नशे में था। उसके खून में अल्कोहल की मात्रा 130 मिली।
मृतकों की पहचान आनंद नगर की किरण देवी (56), रीतिका मंडल (33) और उसकी भतीजी पूर्वी (8) के रूप में हुई है।
प्रत्यक्षदर्शी बोले-गाड़ी में थे पांच लोग, हादसे के बाद चार फरार
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अरगोड़ा से हरमू की ओर जा रही गाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी। लग रहा था कि सभी नशे में थे। एसयूवी ने पहले कार और बाइक को टक्कर मारी। फिर तीनों को चपेट में ले लिया। हादसे के बाद एसयूवी डिवाइडर पर चढ़ गई। हादसे के बाद कार में सवार चार लोग भाग निकले, लेकिन आदर्श पकड़ा गया। पकड़े जाने के बाद आदर्श ने कहा कि वह कार नहीं चला रहा था। वह उसमें बैठा हुआ था।
एंबुलेंस देर से पहुंचने का लोगों ने लगाया आरोप: स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद एंबुलेंस देर से पहुंची। अगर समय पर एंबुलेंस पहुंच गई होती तो मरने वाली एक बच्ची को बचाया जा सकता था। क्योंकि घटना के बाद वह जीवित थी। उसकी सांसें चल रही थीं।
पकड़े जाने के बाद थाने में भी आने लगी थी पैरवी… जैसे ही आदर्श को पुलिस पकड़ कर थाने लाई, उसे छुड़ाने के लिए थाने में ही कई लोगो की पैरवी आने लगी। कई राजनीतिक पार्टी के लोग थाने में फोन करने लगे। थाने में भी आदर्श राजनीतिक धौंस दिखा रहा था। हालांकि पुलिस ने किसी की पैरवी नहीं सुनी।
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