चेताया- जरूरत पड़ी तो तीर-धनुष चलेगा
रांची। ईडी पर राज्य के सीएम हेमंत सोरेन को कथित रूप से परेशान करने और सरकार को अस्थिर करने की साजिश का आरोप लगाते हुए आदिवासी संगठन शुक्रवार को रांची में ढोल-नगाड़ों के साथ सड़क पर उतर आए।
ईडी एवं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुषों ने रांची के मोरहाबादी मैदान से राजभवन तक मार्च किया। प्रदर्शन कर रहे संगठनों के नेताओं ने कहा कि हेमंत सोरेन के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि अगर केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर केंद्रीय एजेंसियां अपने रवैए से बाज नहीं आईं तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज होगा।
आज का प्रदर्शन शांतिपूर्वक हो रहा है, लेकिन जिस तरह लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है, उसमें यह आक्रामक रूप ले सकता है। उन्होंने कहा, हम लोग ईडी की गलत कार्रवाई का विरोध करेंगे। बंगाल में ईंट-पत्थर चला है। अगर जरूरत पड़ी तो झारखंड में तीर-धनुष चलेगा। वो भी जहर वाला तीर।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में केंद्र सरकार और ईडी के खिलाफ तरह-तरह के नारे लिखी तख्तियां ले रखी थीं। इन तख्तियों पर आदिवासी मुख्यमंत्री को प्रताड़ित करना बंद करो, केंद्र सरकार होश में आओ जैसे नारे लिखे थे।
इस प्रदर्शन में केंद्रीय सरना समिति के अलावा, अखिल भारतीय आदिवासी परिषद, 22 पड़हा क्षेत्रीय समिति, राजी पड़हा प्रार्थना सभा, आदिवासी सेना, हटिया विस्थापित मोर्चा समेत कई संगठनों के लोग शामिल हुए।
बता दें कि रांची में जमीन घोटाले को लेकर ईडी की टीम 20 जनवरी को हेमंत सोरेन से उनके कांके रोड स्थित आवास में पूछताछ करने वाली है। आठ बार समन मिलने के बाद सीएम ने अपना बयान दर्ज कराने पर सहमति जताई है।
इधर ईडी ने सीएम से पूछताछ के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र लिखकर आवश्यक इंतजाम करने को कहा है। इस पत्र के बाद रांची में एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी कार्यालय में पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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