इस धनतेरस झारखंड के बाजार में धनवर्षा [This Dhanteras there is rain of money in Jharkhand market]

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राज्य में 1800 और रांची 500 करोड़ का कारोबार

रांची। इस धनतेरस झारखंड के बाजारों में धन की वर्षा खूब हुई। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अनुसार, मंगलवार सुबह से रात तक रांची में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार हुआ है।

वहीं, झारखंड राज्य की बात करें, तो 500 करोड़ का कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

बाजार का ग्रोथ 30 प्रतिशत ज्यादाः

2023 की तुलना में इस बार बाजार का ग्रोथ 30% ज्यादा है। वहीं बाजार के जानकारों के अनुसार, रांची में धनतेरस पर 211 करोड़ रुपए के वाहन, 160 करोड़ के आभूषण, लगभग 14 करोड़ के बर्तन, 40 करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स और 10 करोड़ के होम एप्लाइंसेज रांचीवासियों ने खरीदे।

मेन रोड, अपर बाजार, चर्च रोड, कोकर बाजार, हरमू बाजार, अरगोड़ा, रातू रोड, हटिया, बिरसा चौक, सिंह मोड़, सोलंकी चौक, सेक्टर-2 बाजार, शालीमार बाजार, धुर्वा, बरियातू, बूटी मोड़ समेत शहर के अन्य इलाके व बाजार में भीड़ उमड़ी।

40 करोड़ के होम अपलायंसेस बिकेः

सर्राफा जानकार व सोना-चांदी व्यवसायी समिति के पूर्व अध्यक्ष विजय वर्मन ने कहा कि धनतेरस पर हर साल रांची में जेवर बाजार गुलजार रहता है।

सोने-चांदी के जेवरात और सिक्के की खरीदारी के लिए भी अलग-अलग ज्वेलरी शॉप में भीड़ लगी रही। धनतेरस पर शहर की सभी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में भीड़ दिखी। देर रात तक दुकानें खुली रहीं।

रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, एलईडी टीवी, गीजर, वाटर हीटर, एलईडी, किचन कुक वेयर, मिक्सर ग्राइंडर, गीजर समेत अन्य होम अप्लायंसेस की लोगों ने खरीदारी की।

इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदारों व डीलरों के अनुसार, इस वर्ष धनतेरस में पिछले वर्ष से 25 से 30 प्रतिशत तक ज्यादा बिक्री हुई है। रांची में करीब 40 करोड़ रुपए के उत्पाद बिके हैं।

पूजा की समाग्री भी खूब बिकीः

धनतेरस पर झाड़ू लेना शुभ माना जाता है। राजधानी के हर चौक-चौराहे पर झाड़ू की दुकानें सजीं। झाड़ू पिछले साल से 20 प्रतिशत तक ज्यादा कीमत पर बिके। फूल झाड़ू 70 से 300 रुपए तक में मिले। सीक झाड़ू 80 से 200 रुपए और घास का झाड़ू 50 से 200 तक बिके।

मूर्ति और पूजन सामग्री की भी लोग देर रात तक खरीदारी करते रहे। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां 60 से 3000 रुपए, फूल माला 20-400 रुपए तक बिके।

लकड़ी से बने मंदिर 300-5000 रुपए तक बिके। तोरण 80-500 रुपए तक। लटकन 130 से 400 रुपए तक, झूमर की 90-350 रुपए तक की बिक्री हुई। पटाखों की भी खूब बिक्री हुई।

35% ज्यादा बिके बर्तनः

धनतेरस पर नए बर्तन की खरीदारी आम आदमी की पहली पसंद होते हैं। दुकानदारों ने बताया कि इस वर्ष बर्तन पिछले वर्ष से करीब 10 प्रतिशत महंगे होने के बावजूद 35 प्रतिशत तक ज्यादा बिके हैं। सबसे ज्यादा स्टील के बर्तन बिके हैं। देर रात 12 बजे तक बर्तन दुकानें खुली रहीं और उनमें लोग खरीदारी करते दिखे।

वहीं सभी ऑटोमोबाइल शोरूम में सुबह से ही गाड़ियों की डिलीवरी लेने की होड़ लगी थी। ग्राहकों से शोरूम पटे थे। देर रात तक लोगों ने वाहनों की डिलीवरी ली। कांके रोड स्थित मारुति शोरूम में सुबह 6 बजे से ही ग्राहक पहुंचने लगे थे। यही हाल सभी शोरूम्स का था।

रांची ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमंत जैन ने कहा कि रांची में मंगलवार को करीब 3500 दोपहिया और 2600 कारें बिक गईं।

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