Ranchi cab driver strike:
रांची। राजधानी रांची में सोमवार से ओला, उबर और रैपिडो के करीब 4000 ड्राइवरों की बेमियादी हड़ताल के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो गया। झारखंड प्रदेश ऐप बेस्ड टैक्सी वर्कर्स यूनियन की अगुवाई में यह हड़ताल शुरू की गई। इसके चलते एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
हड़ताल कर रहे ड्राइवरों की मुख्य मांगें:
हड़ताल के कारण कैब सेवाओं की कमी के चलते किराया सामान्य से दो से तीन गुना तक बढ़ गया। उदाहरण के लिए, बरियातू से गोसाई टोला की 7 किलोमीटर की दूरी का किराया ₹200 की जगह सोमवार को ₹415 वसूला गया। हड़ताल कर रहे ड्राइवरों की मुख्य मांगें हैंकिराए में उचित वृद्धि, ऐप कंपनियों का रिचार्ज सिस्टम खत्म करना, एक बुकिंग केवल एक ड्राइवर पार्टनर को देना, बाइक टैक्सी सेवाओं को बंद करना और प्राइवेट गाड़ियों को टैक्सी की तरह चलाने पर रोक लगाना।
क्या है हड़ताल का कारण ?
ड्राइवरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और कम कमीशन के कारण वे आर्थिक नुकसान में हैं। ओला ने कहा कि किराया अधिक दिखने का कारण डिमांड और सप्लाई का असंतुलन हो सकता है, जबकि उबर ने कहा कि अगर मांगें जायज हैं, तो बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता है।
यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया:
यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि सोमवार को सभी ड्राइवर हड़ताल पर रहे और मंगलवार को कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होने की संभावना है। जब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, हड़ताल जारी रहेगी।
शहर की सड़कें खाली और यात्रियों की कतारें लंबी दिखीं। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और ऑफिस जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल के कारण राजधानी रांची में जनजीवन लगभग ठप हो गया और परिवहन का संकट पैदा हो गया।
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