रांची। उत्पाद विभाग ने अवैध नकली शराब पकड़े जाने के अपने छह प्रमुख मामलों की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) से कराने की अनुशंसा उपायुक्त रांची को की है। उत्पाद विभाग की ओर से की गई अनुंशसा में कहा गया है कि अब तक इन कांडों में जब्त अवैध नकली विदेशी शराब एवं अन्य सामग्री प्रथम दृष्टया में मानव उपभोग के लिए हानिकारक है। इससे जान- माल की क्षति हो सकती है।
जब्त अवैध विदेशी शराब के धंधे में संलिप्त गिरोह, नेटवर्क व शामिल व्यक्तियों के तार अन्य जिलों व क्षेत्रों से जुड़े होने की संभावना है, जिसका उद्भेदन भी जरूरी है। इन मामलों की विस्तृत जांच के लिए सीआईडी रांची को स्थानांतरित किए जाने की आवश्यकता है।
सभी मामले कुख्यात अपराधियों के विरुद्धः
उत्पाद विभाग की ओर से यह भी लिखा गया है कि ये सभी मामले जिले के कुख्यात आदतन अपराधियों के विरुद्ध हैं। जिला उत्पाद कार्यालय में मानव एवं अन्य तकनीकी संसाधनों की काफी कमी है।
इस वजह से उक्त मामलों को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाना और नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए शामिल कुख्यात अपराधियों को पकड़ना संभव नहीं है। इसलिए जनहित और अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए इन मामलों की जांच सीआईडी को स्थानांतरित करने की अनुशंसा की गई है।
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