रांची : मुस्लिम मजलिस उलेमा इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष हजरत मौलाना मुफ्ती अब्दुल्लाह अज़हर कासमी ने गुरूवार को मुरहाबादी सर्किट हाउस रांची में झारखंड कांग्रेस पार्टी के प्रभारी गुलाम अहमद मीर से मुलाकात की।
इस मौके पर कासमी ने मुस्लिम मजलिस उलेमा की ओर से प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर को बधाई दी और कहा कि वह भारत के स्वर्ग कश्मीर से झारखंड राज्य के राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों को बहाल करने आये हैं। हम झारखंड के चार करोड़ जनता आपको बधाई देते हैं।
झारखंड के अल्पसंख्यकों की समस्याएं अभी भी अनसुलझी हैं। झारखंड में संयुक्त सरकार के चार साल पूरे हो गये हैं। राज्य अलग होने के 24 साल पूरे हो गये हैं। लेकिन अब तक मुसलमानों को उनकी जनसंख्या के आधार पर राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों से वंचित रखा गया है।
मुसलमानों में काफी चिंता और आश्चर्य है। ऐसे में आपके आगमन पर आशा की किरणें नजर आ रही हैं। इस मौके पर मुस्लिम मजलिस उलेमा ने भी कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को बधाई दी है। झारखंड में 14 लोकसभा और 6 राज्यसभा सीटें हैं। अलग राज्य के बाद मुस्लिम प्रतिनिधित्व शून्य है। अभी 18वीं लोकसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
गया वक्त फिर हाथ आता नहीं
सदा दौरे दौरा दिखाता नहीं
इसलिए मुस्लिम मजलिस उलेमा की मांग है कि झारखंड में रहने वाले मुसलमानों, जिनकी संख्या करीब 80 लाख है, आबादी के आधार पर राजनीतिक और सामाजिक न्याय दिया जाए। ताकि कांग्रेस पार्टी राज्य में अपनी खोई प्रतिष्ठा वापस पाने में सफल हो सके।
प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने सभी बातों को ध्यान से सुनने के बाद आश्वासन दिया कि न्याय होगा और हर वर्ग और समुदाय को उनकी आबादी के अनुसार प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जल्द ही राजनीतिक समाधान के लिए में आपके साथ एक विशेष बैठक करेंगे। इस मौके पर झारखंड प्रदेश के मंत्रीगण, राजनीतिक प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच बातचीत सुखद माहौल में संपन्न हुई।
इसे भी पढ़ें
12 से होनेवाली सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा स्थगित, अब 10 फरवरी से संभावित

