Teachers protest postings: पोस्टिंग को लेकर शिक्षक नाराज, नियमानुसार पोस्टिंग की मांग

Satish Mehta
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Teachers protest postings

रांची। राजधानी रांची में सहायक आचार्यों की नियुक्ति के बाद अब पोस्टिंग को लेकर विवाद शुरू हो गया है। नवनियुक्त शिक्षकों ने जिला प्रशासन पर मनमानी और बिना किसी SOP (नियम) के पोस्टिंग करने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को 100 से अधिक शिक्षक अपनी शिकायतों के साथ रांची डीसी कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना है कि प्रशासन ने पोस्टिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती, जिससे योग्य शिक्षकों के साथ अन्याय हुआ है।

पोस्टिंग में मनमानी का आरोपः

शिक्षकों का कहना है कि महिला और दिव्यांग अभ्यर्थियों का भी ख्याल नहीं रखा गया। आरोप है कि महिला सुरक्षा और शारीरिक अक्षमता का ध्यान रखे बिना उन्हें घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर भेज दिया गया है। शिक्षकों ने बताया कि कई लोगों को बुढ़मू से तमाड़ और कांके से लापुंग जैसे दूरदराज के इलाकों में पोस्टिंग दी गई है, जिससे ड्यूटी करना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है।

नियमों के पालन की मांगः

नाराज शिक्षकों के मुताबिक, 28 नवंबर को मोरहाबादी मैदान में नियुक्ति पत्र तो मिल गया लेकिन अब प्रशासन की गलत नीतियों के कारण उन्हें मानसिक परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने मांग की है कि गृह प्रखंड या आसपास के क्षेत्रों में पोस्टिंग के नियमों का पालन हो और दिव्यांगों एवं महिलाओं को नजदीकी स्कूलों में पोस्टिंग दी जाए।

पोस्टिंग को लेकर शिक्षक नाराज, नियमानुसार पोस्टिंग की मांग

रांची। राजधानी रांची में सहायक आचार्यों की नियुक्ति के बाद अब पोस्टिंग को लेकर विवाद शुरू हो गया है। नवनियुक्त शिक्षकों ने जिला प्रशासन पर मनमानी और बिना किसी SOP (नियम) के पोस्टिंग करने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को 100 से अधिक शिक्षक अपनी शिकायतों के साथ रांची डीसी कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना है कि प्रशासन ने पोस्टिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती, जिससे योग्य शिक्षकों के साथ अन्याय हुआ है।

पोस्टिंग में मनमानी का आरोपः

शिक्षकों का कहना है कि महिला और दिव्यांग अभ्यर्थियों का भी ख्याल नहीं रखा गया। आरोप है कि महिला सुरक्षा और शारीरिक अक्षमता का ध्यान रखे बिना उन्हें घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर भेज दिया गया है। शिक्षकों ने बताया कि कई लोगों को बुढ़मू से तमाड़ और कांके से लापुंग जैसे दूरदराज के इलाकों में पोस्टिंग दी गई है, जिससे ड्यूटी करना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है।

नियमों के पालन की मांगः

नाराज शिक्षकों के मुताबिक, 28 नवंबर को मोरहाबादी मैदान में नियुक्ति पत्र तो मिल गया लेकिन अब प्रशासन की गलत नीतियों के कारण उन्हें मानसिक परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने मांग की है कि गृह प्रखंड या आसपास के क्षेत्रों में पोस्टिंग के नियमों का पालन हो और दिव्यांगों एवं महिलाओं को नजदीकी स्कूलों में पोस्टिंग दी जाए।

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