Tata Power workers protest: जमशेदपुर में टाटा पावर मजदूरों का प्रदर्शन, मांगें न माने तो हड़ताल की दी चेतावनी

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Tata Power workers protest

जमशेदपुर। टाटा पावर मजदूर यूनियन ने गुरुवार को जमशेदपुर के सीतारामडेरा स्थित उपश्रमायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन ने टाटा पावर कंपनी पर ठेका श्रमिकों का आर्थिक और सामाजिक शोषण करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने अपनी शिकायतों और मांगों से भरा एक पत्र उपश्रमायुक्त को सौंपा।

मजदूर नेता अंबुज ठाकुर ने क्या बताया?

मजदूर नेता अंबुज ठाकुर ने बताया कि जोजोबेड़ा टाटा पावर प्लांट में लगभग 100 स्थायी कर्मचारी हैं, जबकि लगभग 600 ठेका मजदूर विभिन्न विभागों में वर्षों से कार्यरत हैं। इनमें बड़ी संख्या स्थानीय आदिवासी और मूलवासी श्रमिकों की है, जो 15 से 20 वर्षों से कंपनी में काम कर रहे हैं। ये मजदूर ESP, वेट ऐश, मिल, बॉयलर, टरबाइन, CHP, C&I, इलेक्ट्रिकल, कैंटीन, फायर, सिक्योरिटी, हाउसकीपिंग, गार्डन, रेलवे ट्रैक, लोको और डोजर जैसे कई विभागों में विभिन्न ठेकेदारों के माध्यम से कार्यरत हैं।

ठेका मजदूरों का क्या है कहना?

ठेका मजदूरों का कहना है कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा, ग्रेड रिवीजन, उचित ओवरटाइम भुगतान और अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें 17 जनवरी तक पूरी नहीं हुईं, तो टाटा पावर प्लांट में हड़ताल की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर इस हड़ताल को बड़े पैमाने पर भी किया जा सकता है।

क्या है मामला?

मजदूर यूनियन का यह प्रदर्शन टाटा पावर में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं और ठेका श्रमिकों की अनदेखी के खिलाफ एक जोरदार चेतावनी माना जा रहा है। यूनियन के नेताओं का कहना है कि अगर प्रबंधन ने समय पर कदम नहीं उठाए, तो श्रमिक अपनी हड़ताल के जरिए अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे।इस प्रदर्शन ने जमशेदपुर में ऊर्जा क्षेत्र के कर्मचारियों और श्रमिक अधिकारों पर ध्यान केंद्रित किया है और प्रशासन एवं कंपनी के लिए तत्काल कदम उठाने की चुनौती पेश की है।

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