Nikay Chunav
रांची। झारखंड नगर निकाय चुनाव में अपराधी से लेकर उचक्के तक एक्टिव हैं। पुलिस भी इनसे निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। खास तौर पर रांची में ऐसे कोई दागी चेहरे काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। सिटी एसपी पारस राणा के निर्देश पर सभी डीएसपी और थानेदारों को अपराधियों के सत्यापन का जिम्मा सौंपा गया है। प्रशासन की मंशा साफ है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की हिंसा या बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए न केवल हिस्ट्रीशिटरों पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, बल्कि संदिग्धों की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि आम जनता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
जमानत पर छूटे अपराधियों की ‘वीकली परेड’…
रांची पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ ‘सत्यापन अभियान’ शुरू किया है। इसके तहत जेल से जमानत पर बाहर आए अपराधियों को अब हर हफ्ते या 15 दिन में एक बार संबंधित थाने में अपनी हाजिरी लगानी होगी। रांची के सिटी एसपी ने आदेश दिया है कि ऐसे सभी लोगों की सूची तैयार कर उनसे हाजिरी लगवाई जाए, ताकि उनकी वर्तमान लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी पुलिस के पास रहे।
रांची में नगर निगम का चुनाव का पूरा शेड्यूल
झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने रांची सहित राज्य के सभी 48 नगर निकायों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है, जिसमें रांची नगर निगम भी शामिल है।
नामांकन की अंतिम तिथि- 4 फरवरी 2026 (जो कि समाप्त हो चुकी है)
नामांकन पत्रों की जांच- 5 फरवरी 2026 (आज)
नाम वापसी की अंतिम तिथि- 6 फरवरी 2026
मतदान की तिथि- 23 फरवरी 2026
मतगणना और रिजल्ट- 27 फरवरी 2026
500 से अधिक लोगों को धारा 163 का नोटिस
एहतियाती कार्रवाई के तौर पर रांची पुलिस अब तक 500 से ज्यादा लोगों को धारा 163 के तहत नोटिस भेज चुकी है। जिन लोगों का पुराना रिकॉर्ड विवादित रहा है या चुनाव में गड़बड़ी की आशंका है, उन्हें अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के सामने मौजूद होकर शांति बनाए रखने का बॉन्ड भरना होगा। अगर, बॉन्ड भरने के बाद कोई भी व्यक्ति कानून तोड़ता है, तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा।


















