Tadasha Mishra retirement
रांची। झारखंड में प्रभारी डीजीपी तदाशा मिश्र की सेवा 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है। उनके सेवा विस्तार का अबतक कोई संकेत नहीं है। जानकारी के मुताबिक नए डीजीपी को लेकर मंथन शुरू हो गया है। राज्य सरकार द्वारा इसी साल डीजीपी की नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में एक सर्च कमेटी बनाई गई थी। उसके बाद इसी कमेटी ने अनुराग गुप्ता का डीजीपी के लिए चयन किया था। अब तक नए डीजीपी को लेकर यूपीएससी को कोई पैनल नहीं भेजा गया है।
इससे यह संभावना प्रबल हो रही है कि उसी कमेटी के माध्यम से डीजीपी की नियुक्ति या डीजीपी का चयन किया जाएगा। अगर सरकार कमेटी के माध्यम से डीजीपी का चयन करती है, तब राज्य को दो साल के लिए स्थायी डीजीपी मिलेगा। अगर चयन की प्रक्रिया में विलंब होता है तो स्थायी डीजीपी के नियुक्त होने तक फिर से प्रभारी डीजीपी बनाना पड़ सकता है।
3 सीनियर आइपीएस रेस मेः
वैसे डीजीपी बनने की रेस में तीन सीनियर आईपीएस अधिकारी हैं। जिनमें 1990 बैच के अनिल पालटा जो रेल डीजी के पद पर हैं। 1992 बैच के प्रशांत सिंह जो डीजी वायरलेस के पद पर हैं और 1992 बैच के ही एमएस भाटिया जो वर्तमान में डीजी होमगार्ड एंड फायर सर्विस के पद पर पदस्थापित हैं। इन तीन अधिकारियों को लेकर ही विभाग में भी कवायद चल रही है।






