रामगढ़ डीसी, एसपी और डीएफओ को समन [Summons to Ramgarh DC, SP and DFO]

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रांची। रामगढ़ के डीसी, एसपी और डीएसपी को समन जारी हुआ है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होने के कारण उन्हें ये समन जारी किया गया है।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग भारत सरकार की सदस्य डॉ आशा लकड़ा अपनी टीम के साथ रामगढ़ पहुंची। लेकिन निर्धारित समय पर अधिकारी मीटिंग के लिए नहीं पहुंचे। इसके बाद आयोग ने जिले के डीसी, एसपी और डीएफओ को समन जारी किया है।

आशा लकड़ा ने मीडिया को बताया कि आयोग आदिवासियों के हितों की रक्षा व उनके संरक्षण का कार्य करता है। रामगढ़ जिला से कई शिकायतें मिली थीं।

इसकी सुनवाई व समीक्षा की जानी थी, पर नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मांडू अंचल के पूर्व सीओ जयकुमार राम द्वारा बड़े पैमाने पर उच्चाधिकारियों से मिलीभगत कर आदिवासी जमीन लूटी गयी है। इस लूट में सीसीएल के पदाधिकारी भी पीछे नहीं हैं।

आयोग को नगर परिषद क्षेत्र के हेसला वार्ड नंबर 11 व 12 में भी आदिवासी जमीन गलत ढंग से बेचने की शिकायत मिली है। जिले के आदिवासी क्षेत्र में मानकी, मुंडा ग्राम प्रधान को मिलने वाली एक हजार की राशि भी नहीं मिल रही है।

आदिवासियों के साथ मारपीट होती है

उन्होंने कहा की पुलिस विभाग के मामले में भी कई शिकायतें मिली हैं। इसमें आयोग रजरप्पा थाना के चौकीदार अमेरिका मुंडा मामले की जांच कर रहा है।

चौकीदार को वर्ष 2014 से वेतन नहीं दिया जा रहा है। उसकी पत्नी से भी थाना में कार्य कराया जाता था। उसे भी पैसा नहीं दिया गया।

कहा गया कि अमेरिका मुंडा रिटायर कर गया है। आदिवासी समाज ने जिले के 119 गांवों में वनाधिकार पट्टा की मांग की थी, लेकिन जिले के अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की।

आदिवासियों के साथ जमीन की हेराफेरी मामले में मारपीट की जाती है, लेकिन पुलिस प्राथमिकी दर्ज नहीं करती है।

इन सभी बातों को छुपाने के लिए जिले के उपायुक्त, एसपी व डीएफओ ने बैठक में भाग नहीं लिया। गौरतलब हो कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा सोमवार को रामगढ़ दौरे पर पहुंची थी. मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक होनी थी।

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