Palamu police gang arrests
पलामू। पलामू पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश का खुलासा करते हुए सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान गिरोह से जुड़े आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी नेशनल हाईवे निर्माण से जुड़े सिंगरा और चियांकी स्थलों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने इनके पास से कई देशी हथियार, जिंदा कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। यह कार्रवाई मेदिनीनगर की सदर थाना पुलिस द्वारा की गई।पलामू एसपी रिष्मा रमेशन ने बताया कि सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान के गिरोह अब आपस में हाथ मिलाकर संगठित तरीके से अपराध को अंजाम दे रहे थे।
दोनों गिरोहों की योजना निर्माण स्थलों पर गोलीबारी कर मजदूरों और ठेकेदारों में भय का माहौल बनाने की थी, ताकि मोटी रकम वसूली जा सके। गुरुवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चियांकी ओवरब्रिज और सिंगरा स्थित निर्माण कंपनी के अस्थायी कैंप पर फायरिंग की साजिश रची जा रही है।
कैसे हुई दोस्ती?
अब एक सवाल उठकर सामने आता है कि सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान ने हाथ कब मिलाया? बता दे इस तरह के आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए कुख्यात अपराधी प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा ने आपस में हाथ मिला लिया है और इस बात की खबर किसी के कानों कान नहीं था। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के बाद यह पता चला कि दोनों गिरोह के बीच दोस्ती कुबेर नाम के एक अपराधी ने करवायी थी। ‘कुबेर’ ही प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के बीच को-ऑर्डिनेटर है। हर तरह की जानकारी भी कुबेर ही प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के बीच साझा करता है। दोनों के बीच की सबसे बड़ी कड़ी कुबेर ही है। कुबेर कौन है पुलिस इसकी जांच भी कर रही है।
कौन है मुख्य हैंडलर?
बता दे अमित चौधरी उर्फ ऋतिक ही इस पूरे गिरोह का मुख्य हैंडलर था, जो कुबेर से मिले निर्देशों को अन्य अपराधियों तक पहुंचाता था और वारदात को अंजाम देने की रणनीति तैयार करता था। गिरफ्तार अमित चौधरी ने पलामू पुलिस को बताया है कि रंगदारी की घटना के लिए फायरिंग के बाद पकड़े नहीं जाने पर सुजीत सिन्हा जिम्मेवारी लेता हैं। फायरिंग के बाद पकड़े जाने पर प्रिंस खान जिम्मेवारी लेता है। इसके पीछे बड़ी वजह है कि प्रिंस खान दुबई में है और उसके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई मुश्किल है। गिरफ्तार अमित चौधरी गिरोह का सबसे बड़ा चेहरा है।
