रांची : जेलर फिल्म से भारत ही नहीं पूरी दुनिया में धमाल मचा रहे दक्षिण के सुपरस्टार रजनीकांत इन दिनों झारखंड के दौरे पर हैं। दौरे के क्रम में उन्होंने बुधवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। रजनीकांत राज्यपाल के पुराने दोस्त हैं। राजभवन में हुई इस मुलाकात में राजनीति और सिनेता के दोनों दिग्गजों के बीच विभिन्न मुद्दों पर बात हुई। बहुत दिनों के बाद अपने दोस्त से हुई इस मुलाकात से रजनीकांत का चेहरा खिला हुआ था।
वहीं, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के चेहरे पर भी मुलाकात की चमक थी। रजनीकांत से हुई इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर करते हुए राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने लिखा- अपने मित्र, भारत के महान अभिनेताओं में से एक तथा एक शानदार इंसान रजनीकांत से मिलकर आह्लादित हूं। राजभवन में उनसे सद्भावना मुलाकात हुई। झारखंड की धरती पर उनका स्वागत है। इसके बाद गुरुवार को रजनीकांत रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। रजनीकांत के यहां आने की खबर सुनते ही लोगों की भीड़ लग गयी।
बताते चलें कि दक्षिण के सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म इन दिनों पूरी दुनिया में धूम मचा रही है। रजनीकांत की जेलर फिल्म ने रिलीज होने के सातवें दिन तक भारत में 200 करोड़ से अधिक और दुनिया में 400 करोड़ की कमाई की है। रजनीकांत योगदा सत्संग के स्थायी सदस्य हैं। वर्ष 1990 के बाद जब रजनीकांत की फिल्में फ्लॉप होने लगीं तो वह निराश होने लगे थे। इसी बीच 1998 में रजनीकांत को स्वामी परमहंस योगानंद की किताब ‘ऑटोबायॉग्रफी ऑफ अ योगी’ पढ़ने को मिली।
इस किताब से वह इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने भी योगदा आश्रम में क्रिया योग की दीक्षा लेने की ठान ली। साथ ही परमहंस को अपना गुरु मान लिया। वर्ष 2000 में रजनीकांत ने अपने गुरु परमहंस योगानंद पर ‘बाबा’ फिल्म बनाई। इसके बाद 2002 में पहली बार रजनीकांत योगदा आश्रम पहुंचे। उन्होंने आश्रम के तत्कालीन संचालक स्वामी नित्यानंद गिरि महाराज से मुलाकात की। रजनीकांत को उत्तराखंड स्थित पांडवखोली स्थित महावतार बाबा की पवित्र में गुफा में ले जाया गया।
वहां उन्हें क्रिया योग की दीक्षा प्रदान की गई। तब से उनका करियर सुधर गया। इसके बाद से आध्यात्मिक शांति के लिए रजनीकांत अक्सर यहां आते रहते हैं।’ इसके बाद से रजनीकांत समय-समय पर कह चुके हैं कि अध्यात्म और क्रिया उनके जीवन की सफलता में बड़ा रोल अदा कर रहे हैं। हाल में रजनीकांत ने आश्रम में 20 लाख से भवन भी बनवाया है।
यही नहीं रजनीकांत योग साधना के लिए रांची स्थित योगदा आश्रम भी आते हैं। लेकिन यहां उनका प्रवास गुप्त रखा जाता है। वे तीन दफा रांची के चुटिया स्थित योगदा आश्रम आ चुके हैं और यहां साधना करने के बाद वापस लौटे हैं। संभावना है कि इस दफा भी उनका झारखंड दौरा योगदा आश्रम में उनकी साधना से जुड़ा है।








