सिंह मेशनः भाभी इधर, तो देवर उधर, वोटर कंफ्यूज

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धनबाद। कोई भी चुनाव हो और इसमें सिंह मेंशन की सक्रियता न दिखे ये तो हो ही नहीं सकता।

एक जमाने में सत्ता को इशारों पर नचाने वाले सिंह मेंशन की इच्छा के बिना कोयलांचल में पत्ता भी नहीं हिलता था।

धीरे-धीरे समय के साथ सिंह मेंशन का दबदबा कम तो जरूर हुआ, पर आज भी कोई राजनीतिक दल इसे नजरंदाज नहीं कर सकता।

इस लोकसभा चुनाव में भी धनबाद के एनडीए और इंडी गठबंधन के प्रत्याशियों की निगाहें भी सिंह मेंशन पर टिकी हैं, आखिर वहां से किसे समर्थन मिलेगा।

पर सिंह मेंशन के दो कर्णधारों के रवैये से इनके समर्थक कन्फ्यूज हैं।

दरअसल कोयलांचल के सूर्यदेव बाबू, जिन्होंने कभी सिंह मेंशन को अपने खून पसीने से सींचा था, जिसकी चर्चा दूर-दूर तक होती थी।

लोगों के बीच यह नाम एक ब्रांड के रूप में उभरा था। अब वही सिंह मेंशन पहले जैसा नहीं रहा।

सिंह मेंशन परिवार में अब सबकुछ ठीक नहीं है। यहां परिवार में सबकी अपनी-अपनी राय और काम करने के अपने-अपने तरीके हैं।

सिंह मेंशन, जिसने हमेशा से भाजपा को समर्थन दिया। सूर्यदेव बाबू की धर्मपत्नी कुंती देवी भाजपा के टिकट पर झरिया विधानसभा से चुनाव लड़ी और जीतीं।

उनके बेटे संजीव सिंह भी भाजपा के टिकट पर झरिया विधानसभा से चुनाव लड़े और जीते।

संजीव सिंह के जेल जाने के बाद उनकी पत्नी रागिनी सिंह राजनीति में सक्रिय हुईं। भाजपा के टिकट पर उसी झरिया सीट से विधानसभा का चुनाव भी लड़ीं, लेकिन जीत नहीं मिली।

वर्तमान में रागिनी सिंह भाजपा के प्रदेश कार्य समिति की सदस्य के रूप में पार्टी की समर्पित कार्यकर्ता के रूप में काम कर रही हैं।

इस समय धनबाद लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी ढुल्लू महतो के लिए कैम्पेनिंग कर रही हैं।

वहीं दूसरी तरफ स्व. सूर्यदेव बाबू सिंह के छोटे बेटे और सिंह मेंशन के युवराज कहलाने वाले सिद्धार्थ गौतम कांग्रेस प्रत्याशी अनुपमा सिंह के चुनाव प्रचार में सक्रिय रूप से जुटे हैं।

सिद्धार्थ गौतम की यह रूख साफ बता रहा है कि सिंह मेंशन अब पूरी तरह भाजपा समर्थित नहीं रहा।

सिंह मेंशन समर्थक भी उधेड़ बुन में हैं, आखिर वे किसका साथ दें। सिद्धार्थ मजदूर संगठन में अच्छी पकड़ रखते हैं।

जनता मजदूर संघ के महामंत्री हैं। वहीं जेबीसीसीआई के मेंबर भी हैं।इन दिनों वह मजदूरों के बीच अनुपमा के लिए वोट भी मांग रहे हैं।

धनबाद में चुनाव 25 मई को है। चुनाव की तिथि करीब आ चुकी है। सिद्धार्थ गौतम की भाभी रागिनी जहां बीजेपी के लिए जनसंपर्क में जुटी हैं, वहीं देवर सिद्धार्थ ने भी कांग्रेस प्रत्याशी के लिए जनसंपर्क तेज कर दिया है।

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