झारखंड में नक्सलवाद को खत्म करने के अंतिम चरण में हैं सुरक्षाबल : हेमंत सोरेन

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नागपुर : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) राज्य में नक्सलवाद की समस्या को खत्म करने के अंतिम चरण में हैं। हेमंत सोरेन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ घंटे पहले ही झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के वन क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान के दौरान उन्नत विस्फोटक उपकरण (आईईडी) फटने से सीआरपीएफ का एक सिपाही घायल हो गया।

मुख्यमंत्री एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए महाराष्ट्र के नागपुर शहर में थे। सोरेन ने राष्ट्र की सुरक्षा में सीआरपीएफ की उत्कृष्ट भूमिका का उल्लेख करते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि भी दी।

इससे पहले, झारखंड की पुलिस ने एक बयान में बताया कि प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने मुफस्सिल में हेसाबंध गांव के निकट जंगल में ये आईईडी लगाया था और सीआरपीएफ, उसकी विशेष इकाई कोबरा, झारखंड जुगआर तथा जिला सशस्त्र पुलिस से सुरक्षा बलों की टीम जब माओवादियों के खिलाफ अभियान चला रही थी तभी इस आईईडी में विस्फोट हो गया। पुलिस के मुताबिक सीआरपीएफ (174 बटालियन) के कांस्टेबल हफिजुर रहमान को विस्फोट में चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए विमान से रांची में अस्पताल ले जाया गया।

उन्होंने कहा कि कांस्टेबल की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और इलाके में माओवादियों के खिलाफ तलाश अभियान जारी है। इससे पूर्व पिछले सप्ताह गोईलकेरा के जंगल में आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया था और दो अन्य घायल हो गए थे।

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