झारखंड विधानसभा: हांगामे के बीच 8111.75 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश

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रांची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भारी हंगामे के बीच वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने 8111.75 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया। सोमवार को सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्षा दल भाजपा के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया था।

सांसद धीरज साहू के मामले की जांच कराने के लिए ये विधायक विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे थे। जैसे ही सदन शुरू हुआ, भाजपा विधायक नारेबाजी करने लगे। कई विधायक वेल तक पहुंच गये। इस कारण स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने दोपहर 12.30 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया।

500 करोड़ किसका है

12.30 बजे तक सदन स्थगित रहने के बाद सभा की कार्यवाही शुरू हुई। शून्यकाल के दौरान विपक्ष एक बार फिर वेल तक पहुंचा। सदन के भीतर धीरज साहू कैश मामला गरमाया रहा। भाजपा विधायक भानू प्रताप शाही सहित तमाम विधायक वेल में 500 करोड़ किसका है का नारा लगाते रहे।

विपक्ष की नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही चलती रही। हंगामे के बीच ध्यानाकर्षण की सूचनाओं को लिया गया। वहीं वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने 8111.75 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया। इसके बाद स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने सभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

कई बिल रखे गये सदन के पटल पर

शीतकालीन सत्र में सदन की कार्यवाही के दौरान महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा मांझी ने कई बिल को सदन पटल पर रखा। इस दैरान उन्होंने झारखंड राज्य दिव्यांगजन अधिकार नियमावली 2018, झारखंड राज्य माता-पिता भरण पोषण और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण नियम 2014 और झारखंड जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (केयर एंड प्रोटक्शन) रूल्स 2017 की प्रति को सभा पटल पर रखा। इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी विधायक अनंत ओझा और भानु प्रताप शाही के लाये गये कार्य स्थगन के प्रस्ताव को स्पीकर ने अमान्य कर दिया।

सदन की सीढ़ियों पर धरना

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन हंगामे के साथ शुरू हुआ। सभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले सदन की सीढ़ियों पर पक्ष और विपक्ष दोनों बैठा हुआ था। सरकार की ओर से गिरिडीह विधायक सुदिव्य सोनू, मथुरा महतो सहित तमाम विधायक बैठे हुए थे। सभी के हाथों में हम है आदिवासी, हम है जंगल के मालिक, पूंजिपतियों को जंगल बेचना बंद करो, आदिवासी-मूलवासी को जंगल से बेदखल करने की साजिश बंद करो, जंगल हम आदिवासियों का स्वाभिमान इसे बेचना बंद करो लिखी तख्तियां थी।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

विपक्ष सदन के बाहर से ही सरकार को घेरने में लगा रहा। विपक्ष ईडी के मुद्दे को लेकर सीएम सहित सरकार को घेरने की पूरजोर कोशिश करता दिखा। विपक्ष का कहना था कि सीएम ईडी के डर से भागने वाले हैं । विपक्षी विधायकों के हाथों में सीएम हेमंत सोरेन इस्तीफा दो और हेमंत सोरेन सरकार के चार सालों के कुकर्मों की सीबीआई जांच कराओ वाले पोस्टर थे। इसके अलावा बीजेपी के विधायकों ने कांग्रेस का काला साम्राज्य, झारखंड को लूट खाने की झामुमो, कांग्रेस और राजद की बीमारी जैसे पोस्टर लहराए।

जातिगत जनगणना का मुद्दा उठा

सदन की कार्यवाही शुरु होते ही विधायक प्रदीप यादव ने पूछा कि राज्य के 24 जिले में होमगार्ड की बहाली होनी थी। सरकार की ओर से बताया गया कि 16 जिले में बहाली लगभग पूरी कर ली गयी है। आठ जिले में अभी प्रारंभ भी नहीं किया है। इसके साथ ही उन्होंने जातिगत जनगणना की बात उठायी। उन्होंने कहा कि पिछले सदन में सरकार ने कहा था कि वह जातिगत गणना कराना चाहती है पर पिछले पांच महीने में सरकार यह तय नहीं कर पायी कि हम जाति जनगणना कराएं तो किससे कराएं। ग्रामीण विकास विभाग हाथ खड़े कर रही है कि यह मेरा विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि सदन में सरकार जाति गणना कराने की बात कह कर इस विषय पर कुंडली मार कर बैठी हुई है।

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