SAIL officer transfers 2026: SAIL में 14 अधिकारियों का तबादला, GM से उप प्रबंधक तक को नई जिम्मेदारी

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SAIL officer transfers 2026

बोकारो। Steel Authority of India Limited (SAIL) के बोकारो इस्पात संयंत्र में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। Bokaro स्थित प्लांट में महाप्रबंधक (GM) से लेकर उप प्रबंधक स्तर तक कुल 14 अधिकारियों का अंतर-विभागीय तबादला किया गया है। प्रबंधन ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया है। प्रबंधन के अनुसार, नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

क्यों किया गया तबादला?

बोकारो प्लांट में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम जारी है। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों को प्रोजेक्ट एरिया में तैनात कर कार्य की गति तेज करने की रणनीति अपनाई गई है। प्रबंधन चाहता है कि उत्पादन प्रक्रिया बाधित न हो और सभी परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हों।

GM स्तर पर बदलाव

सीआरएम-3 के जीएम बीएन त्रिपाठी → प्रोजेक्ट मिल्स जोन एरिया
जल प्रबंधन विभाग के जीएम अपूर्वा विश्वास → प्रोजेक्ट यूटिलिटी एरिया
ब्लास्ट फर्नेस के जीएम मनस सरकार → प्रोजेक्ट ब्लास्ट फर्नेस एरिया
सिन्टर प्लांट के जीएम अंशुमली → प्रोजेक्ट सिन्टर प्लांट एरिया
DGM और AGM स्तर पर फेरबदल

उप महाप्रबंधक (DGM)

  • एसएमएस न्यू के डीजीएम विजय कुमार → एमआरडी विभाग
  • सहायक महाप्रबंधक (AGM)
  • एमआरडी के एजीएम प्रशांत प्रभाकर → एसएमएस न्यू
  • एसएमएस न्यू के एजीएम बसंत कुमार नायक → सीआरएम-3
  • आरएमपी के एजीएम अनुराग → तकनीकी सेल
  • सीनियर मैनेजर स्तर पर बदलाव
  • शॉप एंड फाउंड्री के नितिन सक्सेना → आरएमपी
  • सीआरएम-3 के अरविंद कुमार → आई एंड ए
  • एसएमएस-2 सीसीएस के विनोद कुमार → एसएमएस न्यू
  • एसएमएस न्यू के संतोष कुमार → एसएमएस-2 सीसीएस
  • ठेका प्रकोष्ठ संकार्य के शुभम वर्मा → कार्मिक प्रशासन (सीजीएम सर्विसेज सचिवालय)

उप प्रबंधक स्तर

सी एंड आईटी विभाग के आरके पाण्डेय → ठेका प्रकोष्ठ संकार्य विभाग

नए वित्तीय वर्ष से पहले रणनीतिक कदम

नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत से पहले किया गया यह फेरबदल संकेत देता है कि SAIL बोकारो प्रबंधन परियोजनाओं की मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है। अब देखना होगा कि इन तबादलों के बाद उत्पादन क्षमता और परियोजनाओं की रफ्तार पर क्या असर पड़ता है।

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