रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को रांची पहुंचे। यहां से वह लोहरदगा के लिए निकल गये। वहां आयोजित संघ शिक्षा वर्ग में वह शामिल होंगे।
16 से 19 मई तक लोहरदगा में ही रहेंगे। आरएसएस का प्रथम और द्वितीय वर्ष का प्रशिक्षण वर्ग देश में कई जगहों पर हो रहा है।
संघ का यह कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण है। इसे कार्यक्रम में शामिल होने ही संघ प्रमुख लोहरदगा पहुंचे हैं।
इस कार्यक्रम को लेकर गोपनीयता भी बरती गई है। स्थानीय तौर पर भी संगठन इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
स्वयंसेवकों में उत्साह
मोहन भागवत की यह यात्रा कई मायनों में अहम है। स्वयंसेवक उत्साहित हैं कि इस कार्यक्रम के जरिए उन्हें संघ के प्रमुख मोहन भागवत को सुनने उन्हें और नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।
तीन दिनों तक आरएसएस प्रमुख वहीं रहेंगे। इस दौरान उनके द्वारा संघ के तौर-तरीकों की और बेहतरीन जानकारी देंगे।
सुरक्षा व्यवस्था बड़ी चुनौती
इस प्रशिक्षण वर्ग में प्रथम वर्ष के लिए करीब 388 स्वयंसेवकों शामिल होंगे। वहीं, द्वितीय वर्ष में 100 से अधिक स्वयंसेवक भाग लेंगे।
साथ ही घोष वर्ग में लगभग 80 स्वयंसेवक के हिस्सा लेने की चर्चा है। यह वर्ग करीब 20 दिवसीय का होगा जिसका समापन दो जून को हो होना है।
आरएसएस प्रमुख के लोहरदगा में रहने के दौरान जिला प्रशासन के लिए सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती होगी। लोहरदगा में इसे लेकर तैयारी तेज हो गयी है।
प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत दुबारा रांची आएंगे और शुक्ला कॉलोनी स्थित अपने परिचित के यहां रुकेंगे।
झारखंड एवं बिहार के स्वयंसेवकों के लिए द्वितीय वर्ष का सामान्य वर्ग 20 मई से बिहार के राजगीर में होगा।








