रांची : 7 अप्रैल को पूरी दुनिया विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाती है। हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस की एक थीम तय की जाती है जिसका उद्देश्य थीम के अनुसार लोगों में जागरूकता फैलाना है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वर्ष की थीम मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार रखी है। यह थीम दुनिया भर में स्वास्थ्य समस्याओं और संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए बनाई गई है।
शहरी जीवन के कारण बढ़ रह हैं मेटाबॉलिक रोग- डॉ संजय सिंह
वर्ल्ड हेल्थ डे के उपलक्ष्य में रिम्स के मेडिसिन विभाग के वरीय डॉक्टर संजय सिंह ने कहा कि मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार के विषय पर आज के समय में बातचीत होना बहुत जरुरी है।
उन्होंने कहा कि जैसे शिक्षा और खाना सभी लोगों का मौलिक अधिकार है वैसे ही स्वास्थ्य भी लोगों का मौलिक अधिकार है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार पर उन्होंने कहा कि अपने स्वास्थ्य कि जिम्मेदारी हमें स्वयं भी लेनी होगी।
उन्होंने आगे कहा कि शहरी जीवन में लोगों के पास कम समय होने के कारण वे शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान नहीं दे पाते हैं।
कारणवश उन्हें मेटाबॉलिक रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमें शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहिए।
रिम्स में मरीजों ने स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बढ़ाने कि मांग की।
वहीं रिम्स के मरीज और उनके परिजनों में से उर्मिला देवी ने बताया कि मरीजों के लिए सबसे बड़ी समस्या है नर्स और डॉक्टर की कम संख्या।
उन्होंने कहा कि 80 से अधिक लोगों के वार्ड में रविवार को मात्र 2 नर्स हैं। पास खड़े लाल बाबू प्रसाद ने कहा कि सुबह को लगने वाली दवा 12 बजे लग रही है।
पता नहीं दोपहर की दवा कब लगेगी और शाम की कब। उसने आगे कहा कि अगर नर्स की संख्या बढ़ जाए तो इस तरह की परेशानियां खत्म हो जाएंगी।
लोगों ने वार्ड में सफाई को भी बताया बड़ा मुद्दा
वार्ड में भरती लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहला सुधार साफ-सफाई को लेकर होना चाहिए।
मेडिसिन वार्ड की पर्मीला देवी के पति 3-4 दिनों से वार्ड में भर्ती है। पर्मीला देवी ने बताया कि वार्ड का शौचालय काफी गंदा पड़ा हुआ है।
उसमें चूहे और अन्य बीमारी फैलाने वाले जीव नजर आते है। उन्होंने आगे कहा कि अगर शौचालय साफ नहीं हो तो नई बीमारियां होने का खतरा मंडराता रहता है।
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