केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नगडी में अनुसंधान सलाहकार समिति की हुई बैठक [Research Advisory Committee meeting held at Central Tasar Research and Training Institute Nagdi]

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पिस्का नगडी। केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नगडी, (राँची)में शनिवार को अनुसंधान सलाहकार समिति की 54वीं बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में कुल 17 संचालित परियोजनाओं, दो नई परियोजनाओं एवं दो संपन्न परियोजनाओं की समीक्षा एवं चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता डॉ. सुभाष चन्दर, (निदेशक, राष्ट्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन संस्थाचन, नई दिल्ली) द्वारा की गई।

अनुसंधान सलाहकार समिति के सभी सदस्यों ने तसर कीटपालन, नर्सरी, इंक्यूएवेशन सेंटर, अंत: कीटपालन, केन्द्रीय कृत उपकरण सुविधा का अवलोकन किया ।

बैठक के आरम्भ में संस्थान के निदेशक डॉ. एनबी चौधरी ने संस्थान द्वारा अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में अर्जित उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया।

उन्होंने अवगत कराया कि संस्थान द्वारा विभिन्न संस्थानों , विश्वविद्यालय के साथ सहयोगात्मक अनुसंधान अभिसरण हेतु निरंतर समझौता ज्ञापन हस्ता्क्षरित किए जा रहे हैं ।

संस्थान द्वारा विभिन्न प्रौद्योगिकियां विकसित की गई हैं जिनका पेटेंट/वाणिज्यी करण कर प्रक्षेत्र में उन्हें अपनाया जा रहा है।

उन्होंने समिति को आश्व‍स्त, किया कि संस्थान तसर रेशम उत्पाकदन बढ़ाने की दिशा में अनुसंधान कर इस उद्योग से जुड़े लोगों की आजीविका के उत्थान की दिशा में निरंतर प्रयासरत् है ।

इस अवसर पर डॉ.सी मीनाक्षी द्वारा तसर रेशम उद्योग के अंतर्राष्ट्रीय विपणन की आवश्यकता पर जोर देते हुए तसर रेशम की निर्यात से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। साथ ही परियोजना के माध्यम से इसे आगे बढ़ाने पर परिचर्चा की ।

डॉ.एस मंथिरा मूर्ति ने परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के सम्बन्ध में दिशा निर्देश दिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. सुभाष चन्दर ने कहा कि अनुसंधान सलाहकार समिति किसी भी अनुसंधान संस्थान के अनुसंधानों का दिशा-निर्देशन करने हेतु एक महत्वपूर्ण समिति होती है।

हमारे अनुसंधान का उद्देश्य तसर उद्योग में सामना की जा रही समस्यायों के समाधान पर केन्द्रित होने चाहिए तथा हमारा लक्ष्य तसर कृषकों की आय को दोगुना करना होना चाहिए ।

इस अवसर पर केन्द्रीय रेशम बोर्ड के पूर्व निदेशक डॉ. सी एम बाजपेयी ने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि तसर रेशम कृषकों के उत्थान के लिए ऐसी अनुसंधान परियोजनाएं प्रतिपादित की जाएं जिससे वे लाभान्वित हो सकें ।

इस अवसर पर डॉ.सी मीनाक्षी, डॉ.मुकेश कुमार ढिल्लोर, डॉ.टी सेल्वॉकुमार, डॉ.एसएन पटनायक, डॉ.देवाशीष चट्टोपाध्याधय, डॉ.प्रशांत संगन्नंवर, रामाधार देवागन, मानिक कुजूर, सुशील कुमार बरियार, मोहशिना खातून के द्वारा परियोजनाओं के सम्बन्ध में चर्चा की गई।

बैठक में संस्थान के सुस्मिता दास, डॉ.जय प्रकाश पांडेय, डॉ.कर्मवीर जेना एवं डॉ.विशाल मित्तल सहित कई वैज्ञानिकों ने भाग लिया एवं परियोजनाएं प्रस्तुत की ।

बैठक में संस्थान के सभी वैज्ञानिक उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन डॉ.जितेन्द्र् सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. डीआईजी प्रभु ने किया ।

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