Rats in Ranchi Railway Division: रांची रेल डिवीजन में चूहों-कॉकरोच का कहर, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

3 Min Read

Rats in Ranchi Railway Division:

रांची। रांची रेल मंडल की कई ट्रेनों में चूहे और कॉकरोच के बढ़ते आतंक ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। तपस्विनी एक्सप्रेस, दिल्ली–राजधानी, झारखंड स्वर्ण जयंती और अन्य प्रमुख ट्रेनों में लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि बोगियों में चूहे खुलेआम दौड़ते हैं और यात्रियों के बैग, कपड़े तथा खाने-पीने का सामान काटकर नुकसान पहुंचाते हैं। कई यात्रियों ने बताया कि चूहों के डर से वे रातभर सो नहीं पाए और यात्रा बेहद दिक्कतों भरी रही।

यात्रियों के अनुभव: भोजन से बैग तक सब हो रहा बर्बाद:

25 सितंबर को तपस्विनी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी में सफर कर रही निधि अग्रवाल ने कोच में चूहों और कॉकरोच की मौजूदगी को लेकर गंभीर चिंता जताई। वहीं, दिल्ली–राजधानी में यात्रा कर रहे लालपुर निवासी शंकर रॉय के खाने के पैकेट को चूहों ने काट दिया, जिससे सफर असहज हो गया। झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस की यात्री प्रियंका कुमारी का बैग चूहों ने कुतर दिया, जिसके बाद उन्होंने रेल मंत्री को ट्वीट कर शिकायत दर्ज कराई।

रेलवे का दावा, यात्रियों का सवाल सच क्या है?


रेलवे अधिकारियों का दावा है कि रांची डिवीजन में नियमित पेस्ट कंट्रोल होता है और अक्टूबर में केवल दो शिकायतें दर्ज हुईं। हालांकि यात्रियों का कहना है कि स्थिति इससे कहीं ज्यादा गंभीर है। छोटे स्टेशनों पर रुकने और आउटर सिग्नल पर खड़े होने के दौरान चूहों के कोचों में घुसने की घटनाएं आम हो गई हैं। डीआरयूसीसी सदस्य विनोद अग्रवाल के अनुसार पैंट्री कार वाले कोचों में चूहों की संख्या सबसे ज्यादा रहती है।

समाधान की मांग: यार्ड में सुधार जरूरी:

झारखंड पैसेंजर्स एसोसिएशन ने रेलवे यार्ड की कच्ची जमीन पर पत्थर बिछाने की मांग की है, ताकि चूहों के बिल बनने पर रोक लगाई जा सके। संगठनों का कहना है कि समस्या की जड़ यार्ड है, जहां से चूहे बोगियों में पहुंचते हैं।
यात्री सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर रेलवे से तुरंत और ठोस कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा मिल सके।

Share This Article