Strike of corporation: निगम के ट्रैक्टर चालकों की हड़ताल से रांची की बिगड़ी सूरत

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रांची। रांची नगर निगम के ट्रैक्टर संचालकों की हड़ताल ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है। शहर की सड़कों पर करीब 600 मीट्रिक टन कचरा फैला है। कचरे से उठनेवाली दुर्गंध के कारण लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है। शहर के लगभग सभी मोहल्ले में कचरे का अंबार देखने को मिल रहा है। इससे आम लोगों को खासा परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। कचरे की वजह से बदबू फैल रही है। वहीं, आने जाने राहगीरों को भी सड़क में बिखरे कचरो की वजह से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

रांची नगर निगम के ट्रैक्टर संचालक पिछले चार दिनों से हड़ताल पर हैं। इस कारण शहर की सड़कों के किनारे पड़े कचरे का उठाव नहीं किया जा रहा है। खास तौर पर हिंदीपीढ़ी, अपर बाजार, जेल चौक, लालपुर, कर्बला चौक, कोकर, बरियातू और पुरानी रांची जैसे इलाकों की स्थिति नारकीय हो गई है। हर तरफ सड़क के किनारे कचरे का अंबार नजर आ रहा है।

आपको बता दे की ट्रैक्टर संचालकों का कहना है कि निगम हमारा रोजगार छीन रहा और किसी प्राइवेट कंपनी को यह अधिकार देने की तैयारी कर रही है, जिस वजह से हम बेरोजगार हो जाएंगे। इसलिए हम अब शहर के कचरा नहीं उठा रहे हैं। निगम और ट्रैक्टर संचालकों की लड़ाई में परेशानी शहर वासियों को हो रही है। ना तो सड़क से कचरा उठाया जा रहा ना ही जो घर में दिन भर कचरा जमा होता है उसे लेने के लिए कोई गाड़ी आ रही है। ऐसे में लोग अपने घर के बाहर कचरा डाल दे रहे हैं, जिससे कई मोहल्ले में सड़क किनारे कचरा का अंबार लग गया है।

कचरा उठाने वाले नगर निगम के 176 ट्रैक्टर चालकों का किराया बकाया रहने के कारण वे हड़ताल पर हैं। इस कारण लगातार पांचवें दिन मंगलवार को भी गली-मोहल्लों और सड़कों के किनारे फेंके गए कचरे का उठाव नहीं हुआ। नालियों की सफाई भी नहीं हुई।

नालियों में कचरा जमा हो जाने से गंदा पानी सड़कों पर बहना लगा है। ट्रैक्टर चालकों ने अपनी मांगों के समर्थन में कचरा उठाव कार्य पूरी तरह बंद रखा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निगम ने 14 माह का किराया नहीं दिया है। जब बकाए की मांग की तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। ट्रैक्टर को काम से हटा देने की धमकी दी गई। जबतक 14 महीने का बकाया किराए का पैसा नहीं मिलता है, काम पर नहीं लौटेंगे।

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