बालिका गृह में यौन शोषण, भाजपा ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग [Sexual exploitation in girls’ home, BJP demands high level investigation]

2 Min Read

रांची। झारखंड के पलामू जिले में स्थित बालिका गृह में बच्चियों के साथ यौन शोषण की घटना पर भाजपा ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने इस गंभीर घटना को राज्य के तंत्र और प्रशासन की विफलता करार देते हुए, हेमंत सरकार पर कठोर आरोप लगाए हैं। साह ने कहा, “बालिका गृह में उन बच्चियों को रखा जाता है

जो पहले ही यौन अपराधों का शिकार हो चुकी होती हैं। सरकार का उद्देश्य उन्हें वहां सुरक्षित वातावरण देना होता है। लेकिन अगर वही स्थान अपराध का केंद्र बनता है, तो यह स्पष्ट है कि रक्षक ही भक्षक बन गए हैं।”

साह ने यौन शोषण की इस घटना को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि बालिका गृह में बच्चियों पर अधिकारियों को खुश करने का दबाव बनाया जा रहा था।

उन्होंने सवाल उठाया, “यह जानना जरूरी है कि ये अधिकारी कौन थे। यह मामला एक उच्च स्तरीय जांच का विषय है और इसकी जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए।”

बच्चों के प्रति सरकार की उदासीनताः

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह घटना राज्य सरकार की बच्चों की सुरक्षा के प्रति उदासीनता को उजागर करती है। उन्होंने कहा, “हाईकोर्ट के दबाव के बाद ही तीन साल पहले झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग का गठन किया गया।

इसके बावजूद, पिछले एक साल से आयोग के अध्यक्ष का पद खाली पड़ा है, जो सरकार की लापरवाही को दर्शाता है। साह ने पलामू की घटना की तुलना बिहार के कुख्यात मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड से करते हुए कहा कि इस मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच और निष्पक्ष कार्रवाई से ही बच्चियों को न्याय मिल सकता है

इसे भी पढ़ें

मेदिनीनगर में बालिका गृह के संचालक पर लगा यौन शोषण का आरोप 

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं