Sadar Hospital Ranchi scam:
रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल में हाउसकीपिंग और साफ-सफाई के टेंडर में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। आंतरिक जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आउटसोर्सिंग एजेंसी मेसर्स जी एलर्ट एंड हाउसकीपिंग ने अधिकारियों की मिलीभगत से अस्पताल का कारपेट एरिया वास्तविक माप से करीब तीन गुना ज्यादा दिखवाया। इससे एजेंसी को हर साल करोड़ों रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।
टेंडर के बाद बदली गईं शर्तें
आरोप है कि अक्टूबर 2022 में ठेका मिलने के बाद टेंडर में “शुद्धिकरण प्रस्ताव” लाकर कई शर्तों में बदलाव किए गए। पुराने भवन का वास्तविक क्षेत्रफल 2,68,841 स्क्वायर फीट होने के बावजूद इसे 6,96,285 स्क्वायर फीट दर्शाया गया। इस फर्जी बढ़ोतरी के आधार पर भुगतान तय किया गया, जिससे एजेंसी को अनुचित लाभ मिला।
दर और भुगतान में मनमानी
टेंडर के बाद दरों में भी बदलाव किया गया। पहले शून्य दर पर होने वाली सेवाओं को इंडोर क्षेत्र के लिए 2 रुपये प्रति स्क्वायर फीट और आउटडोर के लिए 50 पैसे प्रति स्क्वायर फीट तय किया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि जहां 2022-23 में एजेंसी को करीब 60 लाख रुपये मिले थे, वहीं हाल के महीनों में भुगतान बढ़कर 92 लाख रुपये तक पहुंच गया।
मैनपावर में कटौती, मुनाफा बढ़ाया
टेंडर शर्तों के अनुसार तीन शिफ्टों में तय मैनपावर तैनात करनी थी, लेकिन शुद्धिपत्र के जरिए इसमें ढील ली गई। आरोप है कि वास्तविक तैनाती कम रखी गई, जिससे एजेंसी को हर महीने करीब 30 लाख रुपये और सालाना लगभग 3.36 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फायदा हुआ।
जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार के संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला ने सिविल सर्जन रांची को जांच के आदेश दिए हैं। एक सप्ताह में जांच समिति गठित कर पूरे मामले की विस्तृत जांच की बात कही गई है।
