रांची। रांची विश्वविद्यालय और इसके कॉलेजों में अब प्लेसमेंट ड्राइव के लिए आने वाली कंपनियों का पहले बैकग्राउंड चेक किया जाएगा।
अगर कंपनी कॉलेज के सभी मानकों पर खरा उतरेगा, तभी उसे प्लेसमेंट ड्राइव में आने की अनुमति दी जाएगी।
बताया गया कि कंपनियां छात्रों, विशेषकर छात्राओं के चयन के लिए कॉलेजों में जाती हैं और चयनित विद्यार्थियों को कंपनियों-उद्योगों में कम वेतन पर रखती हैं।
ऐसा पाया गया है कि कुछ छात्राएं आगे चलकर मानव तस्करी का शिकार हो चुकी हैं। रांची विश्वविद्यालय को जब इन सब बातों की सूचना मिली, तो विवि प्रशासन ने इस पर गंभीरता दिखाई।
इसे लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न अंगीभूत, अल्पसंख्यक एवं संबद्ध कॉलेजों को सावधान करते हुए निर्देश दिया है कि पहले कंपनियों की प्रतिबद्धता और वैधता को सत्यापित करें।
प्लेसमेंट ड्राइव की अनुमति देने से पहले उनके बारे में आश्वस्त हो जाएं।
रांची विश्वविद्यालय अंतर्गत मारवाड़ी कॉलेज, डोरंडा कॉलेज, निर्मला कॉलेज, रांची वीमेंस कॉलेज, संत जेवियर्स कॉलेज, योगदा सत्संग कॉलेज, गोस्सनर कॉलेज आदि में अक्सर प्लेसमेंट ड्राइव चलते रहते हैं।
इनमें नामचीन कंपनियां अपनी रिक्तियों के साथ आती हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कदम विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए उठाया है।
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