Ratu massacre:
रांची। रातू थाना क्षेत्र के झखराटांड़ स्थित प्रदीप लोहरा उर्फ चरकू के घर में रवि साहू हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने 6 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जेल भेजे गए अपराधियों के नाम कुणाल कुमार उर्फ बसंत यादव, लाल मोहन प्रजापति, इमरोज अंसारी, बबलू यादव, श्रीचंद प्रजापति उर्फ चंदू और विजय प्रजापति उर्फ कालू है।
लाल मोहन, बबलू, श्रीचंद और विजय बुढ़मू, जबकि इमरोज मांडर का रहने वाला है। वहीं हत्याकांड का सूत्रधार कुणाल रातू के झखराटांड़ का रहने वाला है। कुणाल ने ही जमीन कारोबारी राजबल्लभ गोप उर्फ बलमा की हत्या के लिए शूटर को 5 लाख में सुपारी दी थी। ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि कुणाल जमीन के कारोबार में आगे बढ़ना चाहता था, लेकिन झखराटांड़ निवासी राजबल्लभ गोप उर्फ बलमा अक्सर उसे परेशान करता था। हाल के दिनों में कुणाल ने 25 डिसमिल का एक प्लॉट एग्रीमेंट कराया था, जिसे वह बेचना चाहता था।
बलमा जमीन नहीं बेचने दे रहा थाः
बलमा उसे बेचने नहीं दे रहा था। उक्त जमीन के लिए बलमा लगातार कुणाल को धमकी दे रहा था। इसके बाद ही कुणाल ने बलमा की हत्या का प्लान तैयार किया। बबलू और ललामोहन ने कुणाल के इस प्लान में पूरा साथ दिया और मांडर के शूटर इमरोज अंसारी से उसका संपर्क कराया। ठाकुरगांव में सभी मिले, जिसके बाद 5 लाख में सौदा तय हुआ।
2 दिन की गई बलमा की रेकीः
झखराटांड़ स्थित प्रदीप लोहरा उर्फ चरकू के घर में जमीन कारोबारी बलमा अक्सर शराब पीने जाता था। ऐसे में उसी जगह उसकी हत्या करने का प्लान तैयार किया गया। 2 दिन से बलमा की रेकी की जाने लगी। तय प्लान के अनुसार वहां शूटर भी पहुंचा। बलमा की पहचान सफेद शर्ट में होने की बात शूटर को बताई गई। शूटर जब गोली मारने के लिए प्रदीप के घर में प्रवेश किया तो वहां सामने 2 व्यक्ति सफेद शर्ट पहनकर बैठे थे। शूटरों ने गलतफहमी में बलमा के बजाए रवि साहू को 4 गोली मार दी। रवि की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से 3 पिस्टल और गोली बरामद किया है।
मास्टरमाइंड कुणाल: पढ़ाई छोड़ रंगदारी वसूल रहाः
कुणाल के पिता बृजकिशोर यादव मूल रूप से बुढ़मू स्थित चकमे गांव के रहने वाले हैं। वे बुढ़मू प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के कार्यालय में तैनात हैं। वर्ष 2017 में उन्होंने रातू के झखराटांड़ में घर बनाकर परिवार के साथ रहने लगे। इसी दौरान कुणाल ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी और अपने दोस्तों के सहयोग से आसपास जमीन का काम करा रहे लोगों से रंगदारी वसूलने लगा। इसी दौरान झखराटांड़ में ही रहने वाले राजबल्लभ गोप उर्फ बलमा से उसका विवाद हुआ। अक्सर बलमा कुणाल को मारने की धमकी देता था। कुणाल के पिता को भी बलमा ने सड़क पर पीटा था।
टीपीसी के नाम पर भी मांगता था रंगदारी :
कुणाल अपने दोस्त लालमोहन प्रजापति और बबलू यादव की मदद से टीपीसी के नाम पर रंगदारी की भी मांग करता था। रंगदारी उठाने के लिए वह विकेश तिवारी गैंग का भी इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने इनके पास से वह मोबाइल भी बरामद किया है, जिससे रातू व मांडर इलाके में रहने वाले लोगों से रंगदारी मांगी गई थी। जेल जाने से पहले श्रीचंद प्रजापति ने रंगदारी मांगे जाने की बात स्वीकार की है।
इसे भी पढ़ें









