Rail Teka Dahar Chheka: ‘रेल टेका डहर छेका’: कुर्मी समाज की मांगों पर रेल सेवाओं पर असर

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Rail Teka Dahar Chheka:

रांची। झारखंड के टाटीसिलवे स्टेशन और कोयलांचल के अन्य रेलवे स्टेशनों पर कुर्मी समाज के लोगों ने ‘रेल टेका डहर छेका’ आंदोलन शुरू कर दिया है। सैकड़ों प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठकर अपनी आवाज़ केंद्र सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इस वजह से कई ट्रेनें रुकी हुई हैं और यात्रियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने बैनर और झंडे लगाए हुए हैं और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जोरशोर से रख रहे हैं। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। आरपीएफ और रांची पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखा जा सके।

प्रतिनिधियों ने कहा

प्रतिनिधियों ने कहा कि यह आंदोलन पिछले 75 वर्षों से उनके अधिकार और पहचान के लिए किए जा रहे संघर्ष का हिस्सा है। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उनके अधिकारों की अनदेखी न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी तीनों मांगें पूरी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

कुर्मी समाज ने यह भी बताया

कुर्मी समाज ने यह भी बताया कि उनकी जमीनें और संसाधन कई बड़े प्रोजेक्टों और कॉरपोरेट्स के लिए अधिग्रहित किए जा रहे हैं। यदि उन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाता, तो उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होती।

इस बीच, राजधानी रांची में आदिवासी समाज ने इस आंदोलन का विरोध करते हुए राजभवन के पास धरना दिया। पुलिस दोनों पक्षों के शांतिपूर्ण और सुरक्षित प्रदर्शन को सुनिश्चित करने के लिए सतर्क है।

आंदोलन के चलते ट्रेनों का परिचालन बाधित है और यात्री अपनी यात्रा में भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं।

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