बांग्ला मंडप में तारापीठ से आएंगे पुजारी, बांकुड़ा व पुरुलिया से आएगी ढाक की टीम [Priests will come from Tarapith in Bangla Pavilion, Dhaka’s team will come from Bankura and Purulia]

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रांची। बांग्ला समाज के लोग दिवाली व काली पूजा को लेकर काफी उत्साहित हैं। सभी 31 अक्टूबर को काली पूजा मनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस दिन लोग पूरे दिन उपवास रहकर मां काली की आराधना करेंगे।

सभी बांग्ला मंडपों में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। शहर के बांग्ला मंडपों में भी पूजा की तैयारी में समिति के लोग जुट गए हैं। मूर्तिकार प्रतिमा को अंतिम रूप दे रहे हैं।

40 साल से हो रही देशप्रिय क्लब में पूजाः

देशप्रिय क्लब थड़पखना में पिछले 40 वर्ष से पूजा हो रही है। यहां बंगाल के बांकुड़ा से ढाक बजाने की टीम आएगी।

वहीं, हरिमति मंदिर में पुरुलिया से पुरोहित आकर पूजा कराएंगे। ढाक टीम भी पुरुलिया से आएगी। हिनू बांग्ला मंडल में तारापीठ से पुजारी आएंगे।
हरिमति मंदिर में 8 फीट ऊंची मां क

की प्रतिमा स्थापित होगीः

हरिमति मंदिर, वर्दवान कंपाउंड के सचिव विरेन चक्रवर्ती ने बताया कि यहां 89 वर्षों से काली पूजा का आयोजन किया जा रहा है। 8 फीट की मूर्ति स्थापित की जाएगी। पूजा रात में की जाएगी। इसके बाद सुबह तक करीब 2000 भक्तों के बीच खिचड़ी, खीर का भोग बंटेगा।

पूजा के लिए पुरुलिया से पुरोहित आ रहे हैं। बांकुड़ा से 4 ढाक भी आएंगे। दूसरे दिन मंदिर प्रांगण में गरीबों को भोजन कराया जाएगा और वस्त्र दिए जाएंगे।

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