Patratu Unit-1 trial successful:
रांची। झारखंड की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एनटीपीसी और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के संयुक्त उपक्रम के तहत चल रही 3×800 मेगावाट की पतरातू परियोजना के पहले यूनिट का 72 घंटे का ट्रायल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
PVUNL के सीईओ ए.के. सहगल ने बताया कि इस परियोजना से झारखंड को अपनी जरूरत की लगभग 85% बिजली उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह सफलता कर्मचारियों की मेहनत, राज्य सरकार और सभी सहयोगी संस्थानों के सहयोग से संभव हो सकी है।
पर्यावरण के अनुकूल तकनीक का उपयोग
सीईओ ने बताया कि पतरातू प्रोजेक्ट में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें ड्राई ऐश सिस्टम, एयर-कूल्ड कंडेंसर और अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इस तकनीक के इस्तेमाल से न केवल कार्बन उत्सर्जन कम होगा, बल्कि जल संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
औद्योगिक और आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार
परियोजना के पूरी तरह शुरू होने के बाद झारखंड में ऊर्जा की उपलब्धता और विश्वसनीयता में काफी सुधार होगा। इससे राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।इस मौके पर परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी जैसे अनुपम मुखर्जी, मनीष क्षेत्रपाल, विष्णु दत्ता दास, ओपी सोलंकी और संगीता दास भी उपस्थित रहे। यह उपलब्धि राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
पतरातू परियोजना का उद्घाटन
पतरातू परियोजना का उद्घाटन 25 मई 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। अब पहले यूनिट के सफल ट्रायल के बाद जल्द ही पूरे प्रोजेक्ट के संचालन से झारखंड के नागरिकों और उद्योगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
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