रांची : आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों ने गुरूवार को रांची विश्वविद्यालय के कुलपति को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें गेस्ट टीचर्स को नीड बेस्ड सहायक प्राध्यापकों के साथ मर्ज करने की घोषणा का विरोध करते हुए कहा है कि आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया अतिथि शिक्षकों से बिलकुल भिन्न है।
इसलिए अतिथि शिक्षकों का विलय आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों के साथ न की जाए। उनकी बातें सुनने के बाद कुलपति ने साफ किया कि मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं है और न ही मीडिया को इस संबंध में कोई बयान दिया है। अतिथि सहायक अध्यापक खुद ऐसी खबर मीडिया से निकाल रहे हैं।
इसे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। गौरतलब है कि अतिथि शिक्षकों की बहाली 2023 तक होती रही है। इसमे रिटायर्ड शिक्षक भी शामिल हैं। दूसरी ओर आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापक की बहाली यूजीसी मानक के आधार पर रिक्त पदों के विरुद्ध हुई है।
जिसमें बहाली के लिए आवश्यक प्रक्रिया को अपनाया गया है। दोनों में मर्ज की बात से रांची विश्वविद्यालय के आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापक संघ में आक्रोश है। अगर ऐसा किया गया तो आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापक संघ विश्वविद्यालय में धरना देने को मजबूर होंगे।
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