SIR in Jharkhand
रांची। झारखंड में अभी एसआइआर में देर हो सकती है। राज्य में होने वाले निकाय चुनाव के कारण यहां अभी एसआइआर टलने के संकेत मिल रहे हैं। चुनाव आयोग झारखंड में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसआइआर टालने पर विचार कर रही है। पूर्व में फरवरी महीने के दौरान झारखंड में एसआइआर की घोषणा किये जाने की संभावना थी। लेकिन, राज्य में होनेवाले नगर निकाय चुनाव के कारण अब इसमें देरी की चर्चा है। राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र की तर्ज पर झारखंड में भी नगर निकाय चुनाव तक एसआइआर शुरू करने की संभावना नहीं है। निकाय चुनाव के बाद ही राज्य में एसआइआर की घोषणा संभावित बतायी जा रही है।
चुनाव के बाद ही एसआइआर शुरू करने का अनुमानः महाराष्ट्र को नगर निकाय चुनाव के कारण ही देश में दूसरे चरण के एसआइआर में शामिल नहीं किया गया था। इसी आधार पर झारखंड में भी नगर निकाय चुनाव के बाद ही एसआइआर शुरू करने के कयास लगाये जा रहे हैं।
झारखंड में मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य चुनाव पदाधिकारी कार्यालय तेजी से काम कर रहा है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर अब तक 78% पैरेंटल मैपिंग पूरी कर ली गयी है। राज्य में एसआइआर की घोषणा से पहले पैरेंटल मैपिंग का कार्य 100% पूरा करने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि इसी माह एसआइआर की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए चुनाव आयोग की टीम को भी झारखंड आना था। हालांकि, चुनाव आयोग ने 21 से 23 जनवरी तक भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन (आइआइसीडीइएम 2026) के आयोजन के कारण दौरा फिलहाल टाल दिया है।
12 लाख मृत या गैर हाजिर मतदाता चिह्नित
राज्य में एसआइआर से पहले ही बड़ी संख्या में मतदाताओं को चिह्नित किया गया है। करीब 12 लाख ऐसे मतदाताओं के नाम चिह्नित किये जा चुके हैं, जो या तो मृत पाये गये हैं या लंबे समय से गैर-हाजिर हैं। वहीं दो अलग-अलग स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज हुए नामों को भी चिह्नित किया गया है। एसआइआर के पूर्व ही सभी नामों को मतदाता सूची से हटाया जायेगा।

