Sanjeev Singh:
रांची। झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह आठ साल चार महीने बाद जेल से बाहर आ गये हैं। पर अभी धनबाद के रास्ते उनके लिए बंद हैं। यानी धनबाद वह नहीं जा सकते। सुप्रीम कोर्ट ने संजीव को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है, लेकिन एक शर्त रख दी है कि वे धनबाद नहीं जा सकते। कोर्ट को अंदेशा है कि वे धनबाद में केस को प्रभावित कर सकते हैं।
संजीव के अधिवक्ता मो. जावेद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर एमपी-एमएलए ट्रायल कोर्ट में 20 हजार रुपए के दो मुचलकों के साथ बेल बॉंड दाखिल किया गया। मुकदमे की समाप्ति तक धनबाद जिले में प्रवेश नहीं करने का बॉंड भी समर्पित किया गया।
ट्रॉयल कोर्ट के आदेश के बाद जेल से आये बाहरः
जमानतदारों के मुचलकों से संतुष्ट होकर ट्रायल कोर्ट ने धनबाद जेल प्रशासन को संजीव को मुक्त करने का आदेश दिया। जेल प्रशासन ने यह आदेश रांची के रिनपास को भेज दिया, जहां संजीव फिलहाल इलाजरत हैं।
रांची में रहकर इलाज करायेंगेः
अधिवक्ता ने बताया कि संजीव सिंह के शरीर का बायां हिस्सा ठीक से काम नहीं कर रहा। इसलिए वे रांची के ही अस्पताल में इलाजरत रहेंगे। बता दें कि 21 मार्च 2017 को धनबाद में नीरज सिंह समेत 4 लोगों की हत्या कर दी गई थी। झरिया के तत्कालीन विधायक संजीव सिंह पर हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप लगा है। इस मामले में वह पिछले आठ साल से जेल में थे। जेल में रहने के दौरान ही उनकी सेहत बिगड़ती चली गई।
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