Assistant professors: JPSC ने 488 असिस्टेंट प्रोफेसरों को दिया प्रमोशन, 17 साल बाद मिला प्रमोशन

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रांची। दिवाली से ठीक पहले झारखंड के उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने 2008 बैच के 488 असिस्टेंट प्रोफेसरों को स्टेज-1 से स्टेज-2 में प्रमोशन देने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह प्रमोशन विश्वविद्यालय प्रोमोशन नियमावली 2010 के तहत किया गया है। अब इन शिक्षकों के लिए प्रोफेसर पद और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का रास्ता खुल गया है।

बैठक में हुई पुष्टि

यह फैसला JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया, जिसमें सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा, डॉ. जमाल अहमद और सचिव संदीप सिंह मौजूद रहे। आयोग ने सभी आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा के बाद प्रस्ताव पर मुहर लगाई।

इन विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को मिला प्रमोशन

रांची विश्वविद्यालय 177
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी 33
विनोबा भावे विश्वविद्यालय 66
नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय 23
सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय 120
विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय 69

नोट: कोल्हान विश्वविद्यालय और जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी से प्रस्ताव समय पर नहीं मिलने के कारण वहां के शिक्षकों की प्रमोशन सूची रोक दी गई है।

किन विषयों में मिली प्रमोशन

अर्थशास्त्र, गणित, इतिहास, हिंदी, अंग्रेजी, दर्शनशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भूगर्भशास्त्र, समाजशास्त्र, मैथिली, म्यूजिक, उर्दू, फारसी, संस्कृत, संताली, रसायनशास्त्र, भौतिकी, वनस्पतिशास्त्र, जंतु विज्ञान, मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, मानवशास्त्र, भूगोल, वाणिज्य समेत कुल 25 विषयों में प्रमोशन किया गया है।

उच्च शिक्षा को मिलेगा सीधा लाभ

JPSC सचिव संदीप सिंह ने कहा कि यह फैसला राज्य के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाएगा और लंबे समय से लंबित फाइलों को नवंबर तक निपटाने की योजना बनाई गई है, ताकि कोई भी पात्र शिक्षक प्रमोशन से वंचित न रहे। बैठक में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी प्रोफेसर सह चीफ साइंटिस्ट पद के इंटरव्यू रिजल्ट भी जारी करने का निर्णय लिया गया। बांग्ला विषय में प्रमोशन की शुरुआत डॉ. मधुश्री सन्याल को स्टेज-4 से स्टेज-5 (रीडर से प्रोफेसर) में प्रमोट कर की गई।

प्रोफेसर एसोसिएशन ने जताया आभार

झारखंड प्रोफेसर एसोसिएशन ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने वाला है और राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. राजकुमार ने JPSC और झारखंड सरकार को धन्यवाद दिया।

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