Jonty Rhodes:
रांची। विश्व क्रिकेट के महानतम फील्डरों में शुमार दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स पहली बार झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे। उन्होंने यहां आयोजित रांची चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।शहर पहुंचते ही रोड्स ने रांची की जनता के उत्साह और ऊर्जा की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, “रांची की ऊर्जा और लोगों का प्यार कमाल का है। मैंने भारत के कई शहर देखे हैं, लेकिन यहां का माहौल सबसे आत्मीय और सकारात्मक है।” उन्होंने कहा कि बच्चों में क्रिकेट के प्रति जो जुनून है, वह भारतीय क्रिकेट के उज्जवल भविष्य की निशानी है।
रोड्स महेंद्र सिंह धोनी की तारीफ
महेंद्र सिंह धोनी की फिटनेस और व्यक्तित्व की तारीफ करते हुए रोड्स बोले, “धोनी हमेशा मेरे लिए प्रेरणा रहे हैं। मैदान पर उनका धैर्य और फिटनेस उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। जब कप्तान घबरा जाते हैं, धोनी तब भी शांत रहते हैं यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।”
56 वर्षीय रोड्स ने कहा
56 वर्षीय रोड्स ने कहा कि उम्र बढ़ने के बावजूद उनका फील्डिंग का जुनून बरकरार है। उन्होंने मजाक में कहा, “मेरी पत्नी अब मुझे डाइव लगाते देखकर डर जाती हैं, लेकिन अगर मैं 60 साल का भी हो जाऊं और गेंद मेरे पास आए, तो मैं छलांग जरूर लगाऊंगा।”युवा क्रिकेटरों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि “सिर्फ मेहनत नहीं, परफेक्ट प्रैक्टिस जरूरी है। फिटनेस और रिकवरी का संतुलन ही लंबे करियर की कुंजी है।” उन्होंने भारत को अपना “दूसरा घर” बताते हुए कहा कि वे हर साल लगभग पांच महीने भारत में बिताते हैं। रांची चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला कल्चरल एंड नॉलेज डेवलपमेंट और अग्रवाल युवा सभा के बीच खेला गया, जिसमें कल्चरल एंड नॉलेज डेवलपमेंट ने जीत हासिल की। विजेता खिलाड़ियों को जोंटी रोड्स ने ही ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान किए।







