रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दशकों पहले अंग्रेजों द्वारा असम के चाय बगानों और अंडमान निकोबार ले जाए गए आदिवासियों और मूलवासियों को झारखंड लौटने का न्योता दिया है। कहा कि उन्हें वहां अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा हासिल नहीं है।
वे नौकरी और अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। एसटी का दर्जा नहीं मिलने से उन्हें केंद्रीय कल्याण मंत्रालय की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
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