Jharkhand officers: झारखंड में आधा दर्जन अफसरों पर ईडी का शिकंजा, राज्य सरकार की मंजूरी न मिलने से जांच ठप

Juli Gupta
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Jharkhand officers: रांची। झारखंड में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई राज्य सरकार की

Jharkhand officers:

रांची। झारखंड में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई राज्य सरकार की देरी के कारण अटक गई है। ईडी ने मनरेगा घोटाले की आरोपी पूर्व आईएएस पूजा सिंघल, जमीन घोटाले में आरोपी पूर्व डीसी छवि रंजन, रिम्स के कर्मचारी अफसर अली, और टेंडर कमीशन मामले से जुड़े वीरेंद्र राम व संजीव लाल के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति (Prosecution Approval) मांगी थी। एजेंसी का कहना है कि साक्ष्य और रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बावजूद किसी भी मामले में अब तक स्वीकृति नहीं मिली है।

ईडी ने बताया

ईडी ने बताया कि राज्य सरकार को कई बार पत्र भेजे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। देरी से नाराज एजेंसी ने पिछले साल 21 नवंबर को अदालत में एक क्रिमिनल याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि सरकार जांच पूरी होने के बाद भी अभियोजन स्वीकृति नहीं दे रही। ईडी ने अदालत से अनुरोध किया है कि यदि राज्य सरकार कार्रवाई नहीं करती, तो जांच को सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जाए।

इस याचिका पर अब तक चार बार सुनवाई हो गई

कोर्ट ने इस याचिका पर अब तक चार बार सुनवाई की है, लेकिन हर बार राज्य सरकार ने अगली तिथि ले ली और कोई ठोस जवाब पेश नहीं किया। नतीजतन यह याचिका अब भी अदालत में लंबित है।ईडी का तर्क है कि समय पर स्वीकृति न मिलने से गंभीर आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई की गति प्रभावित होती है, जबकि इन मामलों में साक्ष्य स्पष्ट हैं। अब मामला अदालत और राज्य सरकार के रुख पर निर्भर है कि ईडी को आगे कार्रवाई की अनुमति कब तक मिल पाती है। फिलहाल, राज्य सरकार की चुप्पी और लंबित स्वीकृतियों ने झारखंड के हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामलों को ठहराव की स्थिति में ला दिया है।

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