Diuri Temple Beautification:
रांची। रांची के तमाड़ स्थित प्रसिद्ध दिउड़ी मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर एक बार फिर विवाद हुआ। जैसे ही निर्माण कार्य शुरू हुआ, बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, विरोध जताने मंदिर परिसर पहुंच गईं। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। विरोध तेज होता देख मंदिर परिसर कुछ समय के लिए रणक्षेत्र बन गया, जहां रैपिड एक्शन फोर्स के महिला और पुरुष जवानों की स्थानीय महिलाओं से तीखी झड़प हो गई।
अधिकारियों ने की माहौल शांत कराने की कोशिशः
स्थिति को बिगड़ता देख बुंडू एसडीएम किस्टो कुमार बेसरा, एसडीपीओ ओम प्रकाश, तमाड़ थाना प्रभारी रोशन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। इसी दौरान, नेता पूर्णचंद्र सिंह मुंडा को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया, लेकिन उनकी गिरफ्तारी से ग्रामीण और अधिक आक्रोशित हो गए। बाद में स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने नेता को छोड़ दिया।
दुकानें हटाने का विरोधः
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से मंदिर परिसर के आसपास दुकानें लगाते आ रहे हैं, और उन्हें इस बात की चिंता है कि सौंदर्यीकरण के बाद उनकी दुकानें हटा दी जाएंगी। साथ ही, वे इस बात को लेकर भी आश्वस्त नहीं हैं कि बाद में उन्हें दोबारा दुकानें मिलेंगी या नहीं। यही कारण है कि वे इस परियोजना का लगातार विरोध कर रहे हैं। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और सौंदर्यीकरण का कार्य दोबारा शुरू किया गया। सावधानी के तौर पर मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, और कार्य प्रशासन की निगरानी में जारी है।
देशभर से आते हैं श्रद्धालुः
एसडीएम किस्टो कुमार बेसरा ने स्पष्ट किया कि दिउड़ी मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां देशभर से श्रद्धालु आते हैं, लेकिन मंदिर में अब तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहा है। इसलिए सरकार ने इस स्थान के सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय दुकानदारों की चिंता को समझते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पुनः दुकानें दी जाएंगी विशेष रूप से उन्हें जो वर्षों से वहां व्यापार कर रहे हैं।
8 करोड़ रुपये की स्वीकृत योजना के तहत मंदिर परिसर में पक्की दुकानें, धर्मशाला, मैरिज हॉल, और अन्य जन उपयोगी सुविधाएं बनाई जाएंगी, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। फिलहाल प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बनी सहमति के बाद कार्य शांति से जारी है, और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रशासन ने विरोध की आशंका को भांपते हुए पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ समझाया, और अंततः सौंदर्यीकरण कार्य प्रारंभ हो सका।
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