Municipal elections:
रांची। राज्य में नगर निकाय चुनाव नहीं होने से झारखंड के विभिन्न निकायों को 2100 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। यह वो राशि है, जो केंद्र सरकार से निकायों के विकास के लिए मिलनी थी, परंतु चुनाव नहीं होने के कारण केंद्र ने उक्त राशि रोक दी है। इसके अलावा भी निकायों को कई अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जमशेदपुर: हर साल 250 करोड़ रुपए का नुकसानः
मानगो को वर्ष 2017 में नगर निगम बनाया गया था। गठन के बाद से ही चुनाव नहीं हुआ है। केंद्र ने डेवलपमेंट फंड रोक दिया है।
निकाय चुनाव न होने से मानगो नगर निगम को केंद्र से हर साल मिलने वाला 250 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। सड़क,नाली, सीवरेज योजनाएं भी प्रभावित हैं।
धनबाद: प्रदूषण हटाने को क्लीन एयर प्रोग्राम पर ब्रेकः
धनबाद में प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र से 15वें वित्त आयोग के तहत क्लीन एयर प्रोग्राम के लिए 120 करोड़ रुपए मिलने थे, वह नहीं मिले।
15वें वित्त आयोग से एक रुपया भी नहीं मिला। ऐसे में करीब 3 दर्जन सड़क और नाले का निर्माण रुका हुआ है।
रांची: पुल, तालाब, सड़क व नाली का निर्माण अटकाः
15 वें वित्त आयोग से वित्तीय वर्ष 2023-24 में करीब 32 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत की गई थी। इसमें अरगोड़ा तालाब, हेसाग और जगन्नाथपुर तालाब का जीर्णोद्वार, पार्कों का सौंदर्यीकरण, शहर के बड़े मुहल्लों में 14 सड़क व नाली का निर्माण किया जाना था। कोकर महाबीर नगर में पुल व नाले का निर्माण, पंचशील नगर और आनंद नगर में पुलिया व नाले का निर्माण होना था, लेकिन काम नहीं हुआ। अरगोड़ा तालाब में करीब 50% ही काम हुआ।
शहर में वीआईपी एरिया में स्ट्रीट लाइट लग रही है, लेकिन आम लोग अंधेरे में हैं। कई इलाके में लाइट खराब है। लाइट का मेंटनेंस करने वाली कंपनी को निगम ने पैसा ही नहीं दिया। कंपनी ने काम बंद कर दिया है।
विकास योजनाएं अटकीः
राज्य के 13 नगर निकायों का कार्यकाल 2020 में पूरा हो गया था। वहीं 35 निकायों का कार्यकाल अप्रैल 2023 में खत्म हुआ।। निकायों में अफसरशाही हावी हो गई। विकास पर भी असर दिखने लगा। चुनाव न होने से केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग से मिलने वाले करीब 2100 करोड़ रुपए का फंड रोक दिया। जो विकास योजनाएं चल रही थीं, वह बंद हो गईं।
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