रांची विविः हटाये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट जायेगे असिस्टेंट रजिस्ट्रार डा. लकड़ा

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रांची। झारखंड स्टेट यूनिवर्सिटीज के इतिहास में पहली बार रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अजय लकड़ा को टेन्योर पद (4 वर्ष) बताते हुए हटा दिया गया।

वीसी डॉ. अजीत कुमार सिन्हा के आदेश पर रजिस्ट्रार डॉ. बिनोद नारायण ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी।

अब तक विश्वविद्यालयों में डिप्टी रजिस्ट्रार रिटायरमेंट उम्र 60 साल तक सेवा देते आए हैं। 54 वर्षीय अजय की नियुक्ति जेपीएससी के माध्यम से छह साल पहले हुई थी।

अजय ने कहा कि पद से हटाने से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन ने पक्ष रखने का भी अवसर नहीं दिया। यह एकतरफा कार्रवाई है।

इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। एससी-एसटी आयोग भी जाएंगे। इससे पहले किसी भी डिप्टी रजिस्ट्रार को टेन्योर पद बताते हुए नहीं हटाया गया है।

जेपीएससी ने 17 नवंबर 2016 को विश्वविद्यालय अधिकारियों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगा था।

इसमें डिप्टी रजिस्ट्रार का नियमित पद भी था। अभ्यर्थी डॉ. मृत्युंजय प्रसाद इस मामले में कोर्ट चले गए।

कहा कि दिव्यांग कोटि के आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आरयू के वकील ने कहा कि डिप्टी रजिस्ट्रार का टेन्योर पद है।

इसके बाद आरयू ने राजभवन से मार्गदर्शन मांगा था। राजभवन ने नियम-परिनियम के अनुसार कार्रवाई करने को कहा था।

टेन्योर पद होता तो असिस्टेंट रजिस्ट्रार की स्थायी नौकरी क्यों छोड़ताः डा लकड़ा

इस मामले में डा अजय लकड़ा ने कहा कि इग्नू में असिस्टेंट रजिस्ट्रार की स्थायी नौकरी छोड़कर आरयू में डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर योगदान दिया था।

जेपीएससी ने डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर स्थायी नियुक्ति के लिए आवेदन मांगा था। टेन्योर पद के लिए स्थायी नौकरी क्यों छोड़ता।

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