Elephant attack Ranchi
रांची। रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड में सोमवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अपने झुंड से भटककर रिहायशी इलाके में पहुंच गया। चकला गांव के आसपास हाथी ने कई खेतों में खड़ी फसलों को रौंद दिया। शोर सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हाथी को भगाने की कोशिश की, तो हाथी आक्रामक हो गया और उसने दो लोगों पर हमला कर दिया। हमले में दोनों ग्रामीण घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। राहत की बात यह है कि दोनों की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा वन विभाग
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और हालात को काबू में करने की कोशिश शुरू की। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में पुलिस और वनकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथी के नजदीक न जाएं और उसे उकसाने की कोई कोशिश न करें। साथ ही लोगों को रात के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
सर्दियों में बढ़ रही हाथी-मानव मुठभेड़
वन विभाग के अनुसार, सर्दियों के मौसम में हाथी भोजन और पानी की तलाश में जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाकों की ओर आ जाते हैं। हाल के दिनों में रांची, गुमला, लोहरदगा और खूंटी जिलों में जंगली हाथियों के कई मामले सामने आए हैं। गुमला के चैनपुर में हाथियों ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया था, जबकि लोहरदगा के भंडरा क्षेत्र में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों के आसपास बस्तियों का विस्तार और जंगलों में खाद्य संसाधनों की कमी के कारण मानव और हाथियों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। प्रशासन की ओर से लगातार लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की जा रही है। फिलहाल ओरमांझी इलाके में हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
