रांची। झारखंड में 2 सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीति तेज हो गई है। झामुमो, कांग्रेस और बीजेपी सभी अपने-अपने गणित बिठाने में जुटे हैं।
एक ओर झामुमो इस सीट पर अपना दावा ठोक रहा है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस इसे अपनी सीटिंग सीट मान रही है।
इतना ही नहीं, कांग्रेस की ओर से उम्मीदवारी भी लगभग तय मानी जा रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर का नाम इसमें सबसे आगे चल रहा है।
अब कांग्रेस के सामने झामुमो का समर्थन पाना भी बड़ी चुनौती है, क्योंकि झामुमो भी इस सीट पर दावा ठोक रहा है।
बता दें कि झामुमो के पास विधायकों की संख्या पर्याप्त है, जो किसी एक उम्मीदवार को राज्यसभा की सीट दिला सकती है।
वहीं, कांग्रेस मात्र 17 सदस्यों के सहारे एक सीट पर अड़ी है। इसलिए झामुमो की सहमति कांग्रेस के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है।
हालांकि राजेश ठाकुर अपनी उम्मीदवारी तय मान कर झामुमो के सीनियर नेताओं को मनाने में जुटे हैं। परंतु झामुमो को मनाना इतना आसान नहीं लगता।
झामुमो ने सरफराज अहमद को राज्यसभा सीट के आश्वासन पर ही गांडेय सीट से इस्तीफा देने के लिए मनाया था।
चूकि यह वादा हेमंत सोरेन ने किया था, इसलिए झामुमो के सीनियर लीडर भी इस पर जल्दी कोई पैसला नहीं ले सकते। इसमें हेमंत सोरेन की सहमति भी जरूरी होगी।
बता दें कि झारखंड में कांग्रेस के धीरज साहू औऱ बीजेपी के समीर उरांव का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
अब चंपई सोरेन सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद गठबंधन में लगातार यह दूसरी तकरार होगी।
ऐसा इसलिए कि गांडेय विधानसभा सीट से इस्तीफा देने के समय JMM ने डॉक्टर सरफराज अहमद को राज्यसभा भेजने का आश्वासन दिया था। जबकि कांग्रेस की सीट होने की वजह से पार्टी में कई दावेदार हैं।
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