Rahul Gandhi : राहुल गांधी ने झारखंड के कांग्रेसियों को दी नसीहत-जनता के बीच रहें

Anjali Kumari
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Rahul Gandhi :

रांची। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने झारखंड के कांग्रेसी विधायकों और मंत्रियों को कई टास्क दिये हैं। उन्होंने प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं को जनहित के मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाने को कहा है। राहुल गांधी ने ये टिप्स बीते सोमवार को दिल्ली में हुई प्रदेश कांग्रेस के नेताओं की बैठक में दिये। बैठक में झारखंड के सभी विधायकों और कांग्रेस कोटे के चारों मंत्रियों को विशेष रूप से दिल्ली तलब किया गया था।

भाजपा को मौका नहीं देना हैः

राहुल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि भाजपा को जनहित के मुद्दों पर बढ़त लेने का कोई मौका नहीं देना है। उन्होंने विधायकों से विधानसभा में सक्रियता दिखाने और कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान का ख्याल रखने पर जोर दिया।

झामुमो के साथ बेहतर समन्वय बनाये रखने का निर्देशः

राहुल गांधी ने सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व करने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ बेहतर समन्वय और तालमेल बनाए रखने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गठबंधन धर्म का पालन करते हुए झामुमो के साथ किसी भी तरह की तकरार से बचना होगा। राहुल ने मंत्रियों को याद दिलाया कि वे पहले विधायक हैं और फिर मंत्री, इसलिए उन्हें जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन सरकार में कांग्रेस की भागीदारी को मजबूती से दर्शाना होगा, ताकि जनता में यह संदेश जाए कि कांग्रेस उनकी हितैषी है।

भाजपा को मुद्दे उठाने की नहीं दें जगहः

राहुल गांधी ने झारखंड के कांग्रेसी नेताओं को सलाह दी कि जनहित के मुद्दों, जैसे पेसा कानून, ओबीसी आरक्षण और सरना धर्म कोड को मजबूती से उठाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा को इन मुद्दों पर जनता के बीच अपनी पकड़ बनाने का अवसर नहीं दिया जाना चाहिए।

विधानसभा में सक्रिय भूमिका निभायेः

राहुल ने विधायकों को विधानसभा में सक्रिय भूमिका निभाने और जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को झारखंड में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर काम करना होगा।
इस दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता जनता के बीच सक्रिय रहे और उनकी समस्याओं को समझे।

संगठन और कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान सर्वोपरिः

राहुल गांधी ने कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान पार्टी की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विधायकों और मंत्रियों से कहा कि वे कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं को सुनें।

राहुल ने यह भी निर्देश दिया कि स्थानीय स्तर पर संगठन को और सक्रिय किया जाए, ताकि आगामी निकाय चुनावों में कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन कर सके। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्साह और उनकी सक्रियता ही पार्टी की ताकत है।

भाजपा पर साधा निशानाः

भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जनहित के मुद्दों को दबाने की कोशिश करती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से कहा कि वे भाजपा की नीतियों का मुकाबला करें और जनता के बीच उनकी असलियत उजागर करें।

प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ शिकायतः

इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे, जिन्होंने राज्य में पार्टी की स्थिति और गठबंधन सरकार के प्रदर्शन पर चर्चा की। कुछ विधायकों ने प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ शिकायतें भी उठाईं, जिसपर राहुल ने सुलह और समन्वय का रास्ता अपनाने की सलाह दी।

राहुल गांधी की इस बैठक का मकसद झारखंड में कांग्रेस को और मजबूत करना और गठबंधन सरकार में उसकी भूमिका को प्रभावी बनाना था। उन्होंने विधायकों और मंत्रियों को एकजुट होकर काम करने और जनता के बीच कांग्रेस की सकारात्मक छवि बनाने की सलाह दी। यह बैठक झारखंड में कांग्रेस की रणनीति को नई दिशा देने और गठबंधन की एकता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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