Liquor shops:
रांची। झारखंड में एक सितंबर से लागू होने वाली नई उत्पाद नीति के तहत शराब दुकानों की लॉटरी प्रक्रिया से पहले ही बाजार में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अरगोड़ा, लालपुर, हरमू, कोकर, बरियातू और अपर बाजार जैसे व्यावसायिक इलाकों में 10 से ज्यादा शराब दुकानों की अनुमानित कीमत 1 से 1.5 करोड़ रुपये प्रति दुकान तक पहुंच गई है, जिससे कुल लागत 12 करोड़ रुपये से भी ऊपर आ गई है।
मध्यप्रदेश और बिहार
लॉटरी प्रक्रिया में झारखंड के साथ-साथ मध्यप्रदेश और बिहार के बड़े कारोबारी भी सक्रिय हैं। कई कंपनियां स्थानीय साझेदारों के माध्यम से लॉबिंग कर रही हैं ताकि प्रमुख शहरों रांची, जमशेदपुर और धनबाद में दुकानें हासिल कर सकें। राज्य सरकार की नई नीति के अनुसार, झारखंड में कुल 1343 शराब दुकानों का संचालन होगा, जिनमें 1184 कंपोजिट और 159 देसी शराब की दुकानें शामिल हैं। विदेशी शराब अब कंपोजिट दुकानों के जरिए ही बेची जाएगी।
रांची, धनबाद और पूर्वी सिंहभूम
रांची, धनबाद और पूर्वी सिंहभूम जिले शराब व्यापार के बड़े केंद्र हैं। रांची में 28 देसी और 122 कंपोजिट दुकानें संचालित होंगी, जिनमें अरगोड़ा, लालपुर, डोरंडा और कांटाटोली की दुकानों की मांग सबसे ज्यादा है। 3 अगस्त से लॉटरी के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं, जिसमें हजारों आवेदक भाग लेंगे। प्रत्येक आवेदक अधिकतम 9 समूहों के लिए आवेदन कर सकता है। लॉटरी परिणाम 15 अगस्त के बाद घोषित होंगे।सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस बार की लॉटरी प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा बहुत तेज होगी, जिससे राज्य के राजस्व में भी बड़ी वृद्धि संभव है।
इसे भी पढ़ें
Raid on illegal liquor: गिरिडीह में अवैध शराब पर ताबड़तोड़ छापेमारी, 5 आरोपी गिरफ्तार

