Ramrekha Mela:
सिमडेगा। के प्रसिद्ध तीन दिवसीय रामरेखा मेला-सह-रामरेखा महोत्सव 2025 का आयोजन 4 से 6 नवंबर को होने जा रहा है। इसकी तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन और रामरेखा धाम समिति के सदस्यों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता डीसी कंचन सिंह और एसपी एम. अर्शी ने की। मेला का मुख्य आयोजन कार्तिक पूर्णिमा के दिन होगा। बैठक का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, साफ-सफाई, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करना था। इस मेले में झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़, उड़ीसा और बिहार से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
बैठक में पेयजल आपूर्ति पर विशेष ध्यानः
डीसी ने पेयजल और स्वच्छता विभाग को निर्देश दिया कि रामरेखा जलापूर्ति योजना की मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए और इसे रामरेखा धाम समिति को सौंपा जाए। समिति योजना को संचालित करेगी और ग्रामीणों से उपयोग शुल्क लेगी। साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए नगर परिषद और समिति के सदस्यों को मेला परिसर में जगह-जगह शौचालय, स्नानघर, मोबाइल यूनिट शौचालय, चेंजिंग रूम और डस्टबिन लगाने का निर्देश दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर फोकसः
इसके अलावा, सुरक्षा के लिए पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और एसपी ने पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती का आश्वासन दिया। खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, डीसी ने निर्देश दिया कि मेले में बिकने वाले सभी खाद्य पदार्थ और मिठाइयां शुद्ध होनी चाहिए। सिमडेगा से रामरेखा धाम तक की सड़क की मरम्मत करने का निर्देश भी RCD विभाग को दिया गया।
राजकीय मेला घोषितः
इस वर्ष रामरेखा धाम को राजकीय मेला घोषित किया गया है। इस अवसर पर रामरेखा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उपायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि महोत्सव का आयोजन रामरेखा धाम परिसर में ही होना चाहिए, न कि सिमडेगा नगर में। उनका मानना है कि ऐसा करने से मेले का वास्तविक महत्व बना रहेगा और धार्मिक, सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक दृष्टि से यह और भी भव्य रूप ले पाएगा। इस महोत्सव में स्थानीय और बाहरी राज्यों के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे, जिससे न केवल जिले की संस्कृति को पहचान मिलेगी बल्कि स्थानीय पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देशः
उपायुक्त ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से रामरेखा धाम का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा, जिससे अधिक श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा।
बैठक में मेला क्षेत्र में शुल्क निर्धारण पर भी चर्चा हुई। समिति ने पुराने शुल्क दरों को ही बनाए रखने पर सहमति जताई, जिसमें बस, ऑटो और अन्य वाहनों का भाड़ा, पार्किंग शुल्क और दुकानों का किराया शामिल है।
बैठक में ये रहे शामिलः
बैठक में उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बैजू उरांव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो, और रामरेखा धाम समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे।
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