Police team attacked in Garhwa:
गढ़वा। गढ़वा के गुरदी गांव में रविवार को एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद में बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि स्थिति मॉब लिंचिंग तक पहुंच गई। हालांकि, पुलिस की तत्परता और अतिरिक्त बल के मौके पर पहुंचने से बड़ी वारदात टल गई। इस घटना में पुलिसकर्मियों और महिला पक्ष सहित लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए।
क्या है मामलाः
गांव के निवासी तकसीर खान (27 वर्ष) और उसकी पत्नी रकीबा खातून (22 वर्ष) के बीच शादी के कुछ साल बाद से ही विवाद चल रहा था। मामला न्यायालय तक भी पहुंचा, लेकिन बाद में समझौते के बाद दोनों का मिलना-जुलना शुरू हो गया। इसी बीच शनिवार की रात तकसीर ने पत्नी के साथ मारपीट की। इसके बाद रकीबा ने अपने मायके वालों को सूचना दी।
रविवार को रकीबा के पिता जाहिद आलम खान, भाई समीर खान, सैफ अली खान और मां सबीला बीबी गुरदी पहुंचे और विवाद सुलझाने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान गांव के लोग वहां इकट्ठा हो गए और अचानक लड़की पक्ष पर हमला बोल दिया। हालात बिगड़ते देख रकीबा और उसके परिजन तकसीर के ही एक कमरे में छिप गए, लेकिन भीड़ ने उन्हें बाहर निकालने और आग के हवाले करने की कोशिश की।
पुलिस पर हमलाः
स्थिति गंभीर होती देख गढ़वा पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस अवर निरीक्षक इस्माइल आज़ाद, आरक्षी नवसे करकटा, बसंत उरांव और चालक हरेंद्र कुमार सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस टीम को भी घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
हालात बेकाबू होते देख टीम ने थाना प्रभारी बृज कुमार को सूचना दी। थोड़ी ही देर में थाना प्रभारी अतिरिक्त बल के साथ पहुंचे तो ग्रामीण तितर-बितर हो गए। इसके बाद पुलिस ने बंधक बनाए गए लोगों को सुरक्षित निकालकर गढ़वा सदर अस्पताल भेजा।
कई लोग घायल, सुरक्षा बढ़ाई गईः
हमले में पुलिसकर्मियों के अलावा रकीबा खातून और उसके मायके पक्ष के कई लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज गढ़वा सदर अस्पताल में चल रहा है और डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
घटना के बाद से गुरदी गांव और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है।
पुलिस कर रही मामले की जांचः
थाना प्रभारी बृज कुमार ने बताया कि पुलिस बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाने गई थी, तभी हमला हुआ। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान की जा रही है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि “कानून अपने हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
इसे भी पढ़ें
Girl attacked in Ireland: आयरलैंड में 6 साल की भारतीय मूल की बच्ची के साथ नस्लीय हमला








